Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    dailyadda
    dailyadda

    बच्चों के जन्म के समय शरीर पर क्यों होता है जन्मदाग, इसको लेकर डॉक्टर्स क्या बताते हैं?

    1 week ago

    जब किसी बच्चे के जन्म के साथ ही उसके शरीर पर दाग या निशान नजर आता है, तो उसे बर्थमार्क यानी जन्मदाग कहा जाता है. यह निशान कई रंगों के हो सकते हैं, जिनमें हल्के भूरे, गहरे काले, लाल या नीले रंग शामिल है. वहीं यह दाग चेहरे, हाथ, पैर या शरीर के किसी भी हिस्से पर दिख सकता है. कई बार यह निशान पूरी जिंदगी रहता है, तो कई मामलों में समय के साथ हल्का पड़ जाता है या खत्म भी हो जाता है.

    ऐसे में अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर बच्चों के शरीर पर जन्म से ही ऐसे निशान क्यों होते हैं और क्या इसका किसी बीमारी से कोई कनेक्शन होता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि बच्चों के जन्म के समय शरीर पर जन्मदाग क्यों होता है और इसे लेकर डॉक्टर्स क्या बताते हैं.

    क्यों होते हैं बर्थमार्क?

    डॉक्टर्स के अनुसार, ज्यादातर बर्थमार्क अपने आप होते हैं और इनका किसी भी बीमारी से कोई कनेक्शन नहीं होता है. वहीं कई बार यह भी माना जाता है कि प्रेग्नेंसी के दौरान मां के कुछ गलत खाने-पीने या किसी गलती की वजह से बर्थमार्क होता है, हालांकि यह मानना सही नहीं है. आपको बता दें कि करीब 80 प्रतिशत नवजात शिशु बर्थमार्क के साथ पैदा होते हैं. इसके अलावा बहुत सारे मामलों में बर्थमार्क का कोई स्पष्ट कारण भी सामने नहीं आता है. वहीं माना जाता है कि बहुत कम मामलों में यह वंशानुगत भी हो सकते हैं.

    कितने प्रकार के होते हैं बर्थमार्क?

    बर्थमार्क आमतौर पर वस्कुलर और पिगमेंट दो तरह के होते हैं. इनमें वस्कुलर बर्थमार्क तब बनते हैं, जब स्किन के अंदर ब्लड सेल्स सही तरीके से विकसित नहीं हो पाती है. वस्‍कुलर बर्थमार्क में मैकुलर स्‍टेन भी आता है, मैकुलर स्टेन हल्के लाल रंग के पैच होते हैं, जो माथे, पलकों, नाक या गर्दन के पीछे दिख सकते हैं. वस्‍कुलर बर्थमार्क हेमंगिओमा और पोर्ट वाइन स्टेन भी आते हैं. हेमंगिओमा लाल या नीले रंग के उभरे हुए निशान होते हैं, जो स्किन की सतह पर या अंदर की ओर हो सकते हैं. वहीं पोर्ट वाइन स्टेन में त्वचा पर गहरे लाल या वाइन रंग का दाग दिखता है, जो उम्र के साथ गहरा भी हो सकता है. जबकि पिगमेंटेड बर्थमार्क स्किन में ज्यादा पिगमेंट बनने की वजह से होते हैं, जिससे वहां का रंग बाकी स्किन से अलग दिखने लगता है.

    जन्मदाग को लेकर क्या कहते हैं डॉक्टर्स?

    जन्मदाग को लेकर डॉक्टर्स का कहना है कि कई बर्थमार्क समय के साथ खुद ही हल्के पड़ जाते हैं या फिर पूरी तरह खत्म हो जाते हैं, खासकर मैकुलर स्टेन और हेमंगिओमा बर्थमार्क. हालांकि कुछ निशान स्थायी भी होते हैं. वहीं आमतौर पर बर्थमार्क सेहत के लिए खतरनाक नहीं होते, लेकिन कभी-कभी यह लोगों के कॉफिडेंस पर असर डाल सकते हैं. 

    ये भी पढ़ें-क्या ठंड में रोज नहाना सेहत के लिए जरूरी है? जानिए एक्सपर्ट्स की राय

    Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

    Click here to Read More
    Previous Article
    कब्ज की समस्या कब बन जाती है कैंसर, कब हो जाना चाहिए सावधान?
    Next Article
    माघ मेले 2026 कल्पवासियों का सात्विक भोजन, जानें नियम और आध्यात्मिक महत्व!

    Related लाइफस्टाइल Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment