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    अवैध बालू खनन और भ्रष्टाचार से कमाई गई करोड़ों की संपत्ति, ED ने पटना कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट

    5 days ago

    प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पटना जोनल टीम ने सोमवार (9 मार्च, 2026) को मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में पटना की स्पेशल PMLA कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है. इस केस में अरुण यादव उर्फ अरुण कुमार सिंह, किरण देवी, राजेश कुमार रंजन, दीपु कुमार और कंपनी किरण दुर्गा कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया है.

    ED की जांच के मुताबिक आरोपियों ने अवैध बालू खनन, भ्रष्टाचार और दूसरे आपराधिक कामों के जरिए बड़ी रकम कमाई और उसे अलग-अलग तरीकों से घुमाकर सफेद करने की कोशिश की. ईडी ने ये जांच बिहार पुलिस और स्पेशल विजिलेंस यूनिट की तरफ से दर्ज कई FIR के आधार पर शुरू की थी. इन FIR में आरोपियों पर धोखाधड़ी, जबरन वसूली, अवैध बालू खनन और आय से अधिक संपत्ति रखने जैसे आरोप लगाए गए थे.

    ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा?

    जांच में सामने आया कि अरुण यादव और उनके परिवार ने साल 2014-15 से 2024-25 के बीच करीब 39.31 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई. जबकि इस दौरान उनकी वैध आय सिर्फ करीब 2.65 करोड़ रुपये थी. इस तरह करीब 36.66 करोड़ रुपये की संपत्ति आय से ज्यादा पाई गई, जिसे ईडी ने अपराध से कमाई गई रकम माना है.

    ईडी ने 27 फरवरी, 2024 को अरुण यादव और उनकी कंपनी किरण दुर्गा कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान जांच एजेंसी को कई अहम दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड मिले, जिनसे पैसों के लेन-देन और संपत्तियों की खरीद से जुड़े सबूत मिले. जांच में पता चला कि अवैध बालू खनन और पद का गलत इस्तेमाल करके कमाए गए पैसों को कई तरीकों से छिपाने की कोशिश की गई.

    कैसे-कैसे घुमाई गई अवैध कमाई

    ED के मुताबिक, नकद जमा के जरिए पैसे को बैंक सिस्टम में डाला गया. डेयरी और पशुपालन के कारोबार से ज्यादा आय दिखाकर रकम को वैध दिखाने की कोशिश की गई. कंपनी किरण दुर्गा कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए पैसे को इधर-उधर घुमाया गया. इसके बाद इन पैसों से पटना में खेती की जमीन, फ्लैट और एक कमर्शियल प्लॉट समेत कई संपत्तियां खरीदी गई.

    21.38 करोड़ रुपये की संपत्तियों की किया अटैच

    जांच के दौरान ईडी ने करीब 21.38 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी तौर पर अटैच की थी. बाद में PMLA की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने भी इस कार्रवाई को मंजूरी दे दी. ईडी ने अब इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत PMLA की धारा 3 और 4 के तहत केस दर्ज कर पटना की स्पेशल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. कोर्ट ने भी इस चार्जशीट को रिकॉर्ड पर ले लिया है. फिलहाल इस पूरे मामले में ED की जांच अभी जारी है.

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