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    अब तेलंगाना में बच्चों के सिरप में मिला इथाइलीन ग्लाइकॉल, जानें कितना जहरीला होता है यह केमिकल

    1 week ago

    बच्चों की सेहत से जुड़ा एक बहुत गंभीर मामला सामने आया है. तेलंगाना औषधि नियंत्रण प्रशासन ने अल्मोंट-किड सिरप की बिक्री और इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगा दी है. इस सिरप को आमतौर पर बच्चों में एलर्जी, एलर्जिक बुखार और अस्थमा के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है. जांच में इस दवा में इथाइलीन ग्लाइकॉल नाम का खतरनाक और जहरीला रसायन पाए जाने की पुष्टि हुई है. यह कार्रवाई केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन कोलकाता से प्राप्त लैब रिपोर्ट के आधार पर की गई है.

    रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि बिहार स्थित कंपनी ट्रिडस रेमेडीज की ओर से निर्मित बैच नंबर AL-24002 की यह दवा मिलावटी और जानलेवा है. आमतौर पर यह सिरप बच्चों में एलर्जी, हेवी फीवर और अस्थमा के इलाज के लिए डॉक्टरों की ओर से लिखी जाती है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि इथाइलीन ग्लाइकॉल केमिकल जहरीला होता है.

    क्या है इथाइलीन ग्लाइकॉल और कितना जहरीला है ये केमिकल?

    एक्सपर्ट्स के अनुसार इथाइलीन ग्लाइकॉल एक इंडस्ट्रियल केमिकल है, जिसका इस्तेमाल एंटी फ्रीज, कूलेंट, ब्रेक फ्लूड और इंजन से जुड़े उत्पादों में किया जाता है. यह दिखने में मीठा और रंगहीन होता है, लेकिन शरीर में पहुंचने पर बहुत खतरनाक साबित होता है. यह किडनी को खतरनाक नुकसान पहुंचा सकता है, नर्वस सिस्टम पर असर डालता है और कई मामलों में मौत का कारण भी बन सकता है. वहीं बच्चों में इसका असर और ज्यादा खतरनाक होता है, क्योंकि उनका शरीर और वजन कम होता है. ऐसे में तेलंगाना औषधि नियंत्रण प्रशासन ने राज्य के सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे मेडिकल स्टोर, थोक विक्रेताओं, दवा डीलरों और हॉस्पिटल से इस बैच का स्टॉक तुरंत जब्त करें. वहीं इसे लेकर साफ निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी हालत में इस सिरप की बिक्री न होने पाए. पेरेंट्स से भी अपील की गई है कि अगर उनके पास अल्मोंट-किड सिरप बैच नंबर AL-24002 मौजूद है, तो उसे बच्चों को बिल्कुल न दें और तुरंत दवा नियंत्रण विभाग को इसकी सूचना दें.

    कंपनी के खिलाफ शुरू हुई सख्त कानूनी कार्रवाई

    मिलावटी दवा बनाने और सप्लाई करने के मामले में संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की दवाओं में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. वहीं DCA ने यह भी कहा है कि जनता की हेल्थ से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. आपको बता दें कि बीते समय में इथाइलीन और डाई एथिलीन ग्लाइकॉल से मिलावटी कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामले सामने आ चुके हैं. मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में ऐसे हादसों ने देश की दवा निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं. वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन भी इस केमिकल को लेकर गंभीर चेतावनी जारी कर चुका है.

    ये भी पढ़ें-बच्चों के जन्म के समय शरीर पर क्यों होता है जन्मदाग, इसको लेकर डॉक्टर्स क्या बताते हैं?

    Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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