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    अब क्रिप्टो खाता खोलने के लिए लाइव सेल्फी, जियो-टैगिंग और OTP जरूरी, जानें नए नियम

    1 week ago

    Crypto Regulations India: क्रिप्टो करेंसी बाजार से लगातार सामने आ रहे फर्जीवाड़े और अवैध लेन-देन के मामलों को देखते हुए भारत सरकार ने नियमों को और सख्त करने का फैसला लिया है. अब क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर खाता खोलना पहले जितना आसान नहीं रहेगा. क्योंकि यूजर्स को लाइव सेल्फी, जियो-टैगिंग और उन्नत पहचान सत्यापन जैसी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा.

    फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (एफआईयू ) के नए दिशा-निर्देशों का मकसद मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकी फंडिंग और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाकर डिजिटल एसेट बाजार में पारदर्शिता बढ़ाना है. आइए जानते हैं, कौन-कौन से बदलाव किए गए हैं....

    क्रिप्टो एक्सचेंज के लिए सख्त KYC नियम

    क्रिप्टो बाजार में निगरानी को और मजबूत करने के लिए फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट ने 8 जनवरी को नए एंटी मनी लॉन्ड्रिंग और केवाईसी दिशा-निर्देश जारी किए हैं. नए नियमों के तहत अब क्रिप्टो एक्सचेंज केवल दस्तावेज अपलोड के आधार पर ग्राहकों को नहीं जोड़ सकेंगे.

    नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, खाता खोलते समय यूजर्स को लाइव सेल्फी लेनी होगी. जिसमें आंख झपकाने या सिर हिलाने जैसे संकेतों के जरिए वास्तविक व्यक्ति की पहचान की जाएगी. इसके साथ ही यूजर की भौगोलिक जानकारी भी दर्ज की जाएगी. जिसमें अकाउंट बनाते समय की लोकेशन, तारीख, समय और आईपी एड्रेस को रिकॉर्ड करना शामिल है.

    ई-मेल और मोबाइल ओटीपी सत्यापन

    ग्राहकों के लिए ई-मेल और मोबाइल ओटीपी सत्यापन अनिवार्य कर  दिया गया है. साथ ही नए नियमों के तहत पेनी-ड्रॉप प्रक्रिया को शामिल किया गया है. इस प्रक्रिया में बैंक अकाउंट की जानकारी के सत्यापन के लिए 1 रुपये का लेनदेन करना होगा. साथ ही पैन कार्ड के अलावा आधार कार्ड, वोटर आईडी जैसे दूसरे आईडी की भी जरूरत होगी.  

    क्रिप्टो एक्सचेंजों को डेटा रखना होगा सुरक्षित

    सरकार के नए नियमों में साफ तौर पर कहा गया है कि, क्रिप्टो एक्सचेंज सभी ग्राहकों के लेनदेन से संबंधित डेटा को मिनिमम पांच सालों के लिए सुरक्षित रखें. साथ ही ज्यादा जोखिम वाले ग्राहकों के लिए हर 6 महीने में केवाईसी और दूसरे ग्राहकों के लिए 1 साल में केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है. 

    यह भी पढ़ें: आम बजट 1 फरवरी को ही क्यों पेश होता है? जानिए तारीख और समय बदलने के पीछे की पूरी कहानी

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