Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    dailyadda
    dailyadda

    ये तरीका ठीक नहीं... आवारा कुत्तों को लेकर बोलीं शर्मिला टैगोर, SC ने लगाई फटकार- आपको समझ है कि...

    5 days ago

    आवारा कुत्तों के मुद्दे पर शुक्रवार (9 जनवरी, 2026) को सुप्रीम कोर्ट ने एक्ट्रेस शर्मिला टैगोर को फटकार लगाई है. उन्होंने आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए हाल ही में उठाए गए कदमों का विरोध किया और सभी आवारा कुत्तों के लिए एक ही उपाय अपनाने के खिलाफ तर्क दिए. उन्होंने एग्रेसिव और नॉर्मल कुत्तों का पता लगाने के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी बनाने जैसे तर्क दिए और एम्स हॉस्पिटल में कई सालों से रह रहे एक मिलनसार कुत्ते का भी उदाहरण दिया.

    कोर्ट ने उनके तर्क पर कहा कि वह वास्तविकता से बिल्कुल परे हैं और कहा कि अस्पतालों में इन कुत्तों का महिमामंडन करने की कोशिश न करें. शर्मिला टैगोर के वकील प्रज्ञान प्रदीप शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में सलाह दी कि कुत्तों के व्यवहार का पता लगाने के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी होनी चाहिए ताकि पता चले कि एग्रेसिव और नॉर्मल कुत्ते किस तरह व्यवहार करते हैं.

    वकील ने कहा कि एम्स हॉस्पिटल में गोल्डी नाम का एक कुत्ता है, जो सालों से वहां है. इस बात पर सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा, 'क्या उस कुत्ते को हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर भी ले जाया गया है? सड़कों पर रहने वाले कुत्तों में अक्सर कीड़े-मकोड़े होते हैं और हॉस्पिटल में ऐसे संक्रमित कुत्तों की मौजूदगी से भयावह स्थिति हो सकती है. क्या आपको इसकी समझ है? हम आपको इस बहस की वास्वकिता से अवगत कराएंगे.'

    कोर्ट ने वकील से कहा, 'आप सच्चाई से बिल्कुल परे हैं और हॉस्पिटल में ऐसे कुत्तों का महिमामंडन करने की जरूरत नहीं है.' वकील ने कोर्ट में यह भी सुझाव दिया कि काटने वाले कुत्तों की पहचान के लिए कॉलर को रंग के आधार पर कोडित किया जाए, जैसे जॉर्जिया और अर्मेनिया जैसे देशों में होता है. इस पर कोर्ट ने उनसे पूछा, 'इन देशों की आबादी कितनी है. वकील आप थोड़ा वास्विक बातें करें.'

    बेंच ने 8 जनवरी को सुनवाई में कहा था कि कोर्ट ने सड़कों से सभी कुत्तों को हटाने का आदेश नहीं दिया है. सिर्फ यह निर्देश दिया है कि आवारा कुत्तों के साथ एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) के नियमों के अनुसार व्यवहार किया जाए. शर्मिला टैगोर ने अपनी याचिका में कहा है कि कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए साइंस और साइक्लॉजी की जरूरत है. उन्होंने कहा कि एबीसी रूल फुलप्रूफ नहीं है. इसका समाधान साइंस और मनोविज्ञान से निकाला जाए और एक मॉड्यूल विशिष्ट ढांचे की जरूरत है, जिसके तहत कुत्तों को पकड़ा जाए और छोड़ा जाए.

     

    यह भी पढ़ें:-
    'अपने नाम से जगद्गुरु शब्द हटा लें', रामभद्राचार्य ने की राहुल गांधी को नेता विपक्ष से हटाने की मांग तो भड़की कांग्रेस

    Click here to Read More
    Previous Article
    'विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ को प्रमाणपत्र जारी करें', मद्रास HC का सीबीएफसी सेंसर को आदेश
    Next Article
    'किसी दबाव में नहीं बदलेगी भारत की ऊर्जा नीति', डोनाल्ड ट्रंप के 500% टैरिफ वाले बिल पर भारत का दो टूक जवाब

    Related इंडिया Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment