Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    dailyadda
    dailyadda

    Vijaya Ekadashi Vrat Paran: विजया एकादशी व्रत आज, 14 फरवरी को होगा पारण, नोट कर लें विधि और समय

    5 days ago

    Vijaya Ekadashi Vrat Paran 2026: हिंदू धर्म में फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की 11वीं तिथि पर पड़ने वाली विजया एकादशी व्रत का काफी महत्व है. इस व्रत को शत्रुओं पर विजय दिलाने वाला माना जाता है. आज शुक्रवार 13 फरवरी 2026 को विजया एकादशी का व्रत रखा गया है और भक्तों ने पूरी श्रद्धा व आस्था के साथ भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की है. अगले दिन यानी शनिवार 14 फरवरी 2026 को विजया एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा.

    एकादशी व्रत की पूर्णता के लिए पारण को सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है. पारण का अर्थ होता है व्रत तोड़ना या व्रत खोलना. लेकिन व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है, जब पारण सही विधि और सही समय पर किया जाए. एकादशी व्रत पारण के कई नियम भी होते हैं, जिसका पालन करना जरूरी होता है.

    विजया एकादशी व्रत पारण टाइम (Vijaya Ekadashi 2026 Paran Time)

    एकादशी व्रत का पारण अगले दिन द्वादशी तिथि पर सूर्योदय के बाद करना चाहिए. विजया एकादशी व्रत पारण के लिए 14 फरवरी 2026 को सुबह 07 बजकर 07 मिनट से 09 बजकर 14 बजे तक का समय रहेगा. इस मुहूर्त में व्रत का पारण कर लें. 

    इस बात का विशेष ध्यान रखें कि, हरि वासर (द्वादशी तिथि की पहली एक-चौथाई अवधि) में एकादशी व्रत का पारण न करें. इसे भगवान विष्णु के विश्राम का समय माना जाता है. इसलिए एकादशी व्रत का पारण हरि वासर समाप्त होने के बाद ही करना चाहिए.

    विजया एकादशी पारण विधि (Vijaya Ekadashi Paran Vidhi)

    पारण से पहले स्नान जरूर करें. स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य दें और भगवान विष्णु की पूजा करें. पूजाघर में भी धूप-दीप आदि जलाकर पूजा करें. इसके बाद ब्राह्मण को दान-दक्षिणा देकर व्रत का पारण करें. आप चरणामृत और भगवान को अर्पित किया भोग खाकर अपना व्रत खोल सकते हैं. पारण के बाद भी द्वादशी तिथि पर सात्विक भोजन ही ग्रहण करें. इस दिन चावल का सेवन जरूर करें.

    ये भी पढ़ें: Ekadashi Vrat Katha: एकादशी पर चावल वर्जित, लेकिन जगन्नाथ पुरी में लगता है भोग, जानें उल्टी एकादशी का शॉकिंग सच

    Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

    Click here to Read More
    Previous Article
    Gold-Silver Price Today: 1 दिन में ढाई हजार से ज्यादा कम हुई 24 कैरेट सोने की कीमत, जानें 22 और 18 कैरेट गोल्ड का लेटेस्ट रेट
    Next Article
    Heart Disease Warning Signs: बीपी से लेकर सीढ़ियां चढ़ने तक, ये 4 तरीके बताएंगे कैसा है आपके दिल और आर्टरीज का हाल

    Related लाइफस्टाइल Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment