Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    dailyadda
    dailyadda

    US-Israel Attack Iran: कतर में अमेरिकी रडार पर हमला! ईरान की जवाबी कार्रवाई में मचा बवाल, जानें कितनी बड़ी कामयाबी?

    1 day ago

    ईरान ने अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई में कतर में मौजूद एक अहम अमेरिकी रडार सिस्टम को निशाना बनाया है. यह रडार अमेरिकी स्पेस फोर्स का AN/FPS-132 बैलिस्टिक मिसाइल अर्ली वार्निंग रडार है. सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर दावा किया जा रहा है कि हमले में इस सिस्टम को भारी नुकसान पहुंचा है. इस रडार की कीमत करीब 1.1 बिलियन डॉलर यानी लगभग 9,000 करोड़ रुपये बताई जाती है. यह मध्य पूर्व में अमेरिका के सबसे महत्वपूर्ण रडार सिस्टम में से एक है.

    इस रडार का काम दूर से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों को जल्दी पकड़ना और उनकी दिशा, गति और संभावित लक्ष्य की जानकारी देना है. इसकी डिटेक्शन रेंज करीब 5,000 किलोमीटर है. इसे 2013 में कतर के अल उदैद एयर बेस के पास लगाया गया था. अल उदैद एयर बेस मध्य पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है. इस रडार से अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को मिसाइल हमले से पहले चेतावनी मिलती है, ताकि पैट्रियट या थाड जैसे डिफेंस सिस्टम समय पर सक्रिय हो सकें.

    IRGC ने ऑपरेशन का क्या नाम दिया?

    ईरानी मिडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इस हमले को 'ट्रू प्रॉमिस 4' ऑपरेशन का हिस्सा बताया है. यह हमला हाल में ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में किया गया. ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया. कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ज्यादातर मिसाइल और ड्रोन रोक लिए गए, लेकिन कुछ अल उदैद बेस के आसपास गिरे.

    कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि एक ड्रोन ने सीधे रडार साइट को निशाना बनाया. ईरानी मीडिया का दावा है कि रडार पूरी तरह नष्ट हो गया. हालांकि अमेरिका और कतर ने अभी तक आधिकारिक रूप से नुकसान की पूरी जानकारी साझा नहीं की है. कतर ने यह जरूर माना कि हमले में कुछ नुकसान हुआ और आठ लोग घायल हुए.

    ड्रोन से महंगे रक्षा सिस्टम को पहुंचेगा नुकसान

    अगर यह रडार लंबे समय तक काम नहीं करता तो क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की मिसाइल चेतावनी क्षमता कमजोर हो सकती है. चेतावनी का समय कम होने से सुरक्षा जोखिम बढ़ सकता है. यह घटना यह भी दिखाती है कि कम लागत वाले ड्रोन से महंगे रक्षा सिस्टम को नुकसान पहुंचाया जा सकता है. इस हमले के बाद अमेरिका को अपनी रक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत पड़ सकती है. साथ ही क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है.

    Click here to Read More
    Previous Article
    17 ईरानी जहाज तबाह, अमेरिका ने 1700 ठिकानों पर गिराए बम, शेयर बाजार में हड़कंप... जंग की आग में धधक रहा मिडिल ईस्ट
    Next Article
    ईरान से लड़ाई में कम पड़ेंगे अमेरिकी हथियार! पेंटागन ने डोनाल्ड ट्रंप को दी बड़ी चेतावनी, क्या जीत जाएगा तेहरान?

    Related विश्व Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment