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    कुछ ही मिनटों में मातम में बदल गईं खुशियां, दोबारा माता-पिता बनने से ठीक पहले बड़े बेटे की हादसे में मौत

    2 days ago

    जो दिन एक परिवार के लिए खुशी और यादों का बनना था, वही कुछ ही पलों में बेहद दर्दनाक हादसे में बदल गया. बेंगलुरु के बाहरी इलाके मदनायकनहल्ली पुलिस स्टेशन के अंतर्गत गिद्देनहल्ली में स्थित एक फोटो स्टूडियो 'द शायर स्टूडियो' में शनिवार दोपहर मैटरनिटी फोटोशूट चल रहा था. यह जगह मैटरनिटी और प्री-वेडिंग शूट्स के लिए काफी लोकप्रिय है, जहां तालाब, लाइट्स और सजावट के बीच हंसी-खुशी का माहौल रहता है.

    लापरवाही ने ली 3 साल के मासूम की जान

    जेपी नगर की रहने वाली स्वाति, जो आठ महीने की प्रेग्नेंट हैं, अपनी दोस्त के मैटरनिटी फोटोशूट में हिस्सा लेने आई थीं. उनके साथ उनका तीन साल का बेटा लक्ष्मीर भी था. दोपहर करीब 2:30 बजे स्टूडियो पहुंचने के बाद स्वाति और उनकी दोस्त फोटोशूट में व्यस्त हो गईं. बच्चा पास ही खेल रहा था, लेकिन किसी की नजर उस पर नहीं रही.

    पुलिस के मुताबिक, स्वाति ने बच्चे को करीब 15 मिनट तक अकेला छोड़ दिया था. खेलते-खेलते लक्ष्मीर स्टूडियो में बने आर्टिफिशियल पानी के कुंड (आर्टिफिशियल पॉन्ड) के पास पहुंच गया, जो करीब चार फीट गहरा था. वह फिसलकर पानी में गिर गया और डूब गया.

    डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित किया

    कुछ मिनट बाद जब सबको बच्चे का पता चला, तो अफरा-तफरी मच गई. लोग दौड़े और बच्चे को पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक वह बेहोश हो चुका था. उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. लक्ष्मीर स्वाति और चरण राज का पहला बेटा था. चरण राज एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं और काम के सिलसिले में एक हफ्ते पहले विदेश गए थे. वे सोमवार को बेंगलुरु लौटने वाले थे, लेकिन अब वे अपने बेटे को आखिरी बार देखने के लिए घर पहुंचेंगे.

    पुलिस ने अननैचुरल डेथ का केस दर्ज किया

    मदनायकनहल्ली पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और स्वाति के पिता रमेश बाबू की शिकायत पर अननैचुरल डेथ का केस दर्ज किया है. शव को पोस्टमार्टम के लिए नेलमंगला सरकारी अस्पताल भेजा गया है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में लापरवाही की आशंका जताई गई है. बच्चा खेलते हुए कुंड में गिरा और किसी को पता नहीं चला. स्टूडियो में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं. जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या यह सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था या स्टूडियो की ओर से कोई लापरवाही बरती गई.

    एक छोटे बच्चे की मासूमियत और मां की खुशी का फोटोशूट अब एक परिवार के लिए सबसे दर्दनाक याद बन गया है. यह घटना माता-पिता और स्टूडियो मालिकों के लिए चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा को कभी हल्के में न लिया जाए, खासकर ऐसी जगहों पर जहां पानी या खतरनाक चीजें मौजूद हों.

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