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    Iran War: मिनाब में किसके कहने पर स्कूल पर दागी गईं थी टॉमहॉक मिसाइलें? ईरान ने जारी की अधिकारियों की फोटो

    1 week ago

    ईरान के खिलाफ चल रही अमेरिका और इजरायल की जंग को एक महीना बीत चुका है. दुनिया में पनप रहे ऊर्जा संकट के बीच ये युद्ध अपने दूसरे महीने में पहुंच गया है. इधर, ईरान ने सार्वजनिक तौर पर अमेरिका नौसेना के दो अधिकारियों पर मिनाब के एक स्कूल पर मिसाइल हमले करने का जिम्मेदार ठहराया है. इसमें 170 बच्चे मारे गए थे. 

    भारत, दक्षिण अफ्रीका और नाइजीरिया में ईरान के दूतावासों की तरफ से इन अधिकारियों की फोटो शेयर की गई है. इन अधिकारियों के नाम यूएसएस स्पूअनन्स के कमांडिंग अफसर लेह आर टेक और एग्जीक्यूटिव अफसर जेफरी ई. यॉर्क बताए गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इन दोनों ने तीन टोमाहॉक मिसाइलें दागने की मंजूरी दी. इसके कारण ईरान में गर्ल्स स्कूल पर हमला हुआ. 

    सोशल मीडिया पोस्ट कर तस्वीरें जारी कीं

    सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए ईरानी दूतावासों ने अधिकारियों को अपराधी बताया है. साथ ही कहा कि इस हमले में 168 बच्चे मारे गए. दक्षिण अफ्रीका और नाइजीरिया से आए मैसेज में यह सवाल भी उठाया गया कि अधिकारी अपने कार्यों को कैसे सही ठहरा सकते हैं. क्या उनके अपने भी बच्चे हैं? 

    इसके अलावा पोस्ट में कहा गया है कि इन दोनों अपराधियों को याद रखें. लेह आर टेट और जेफरी ई. यॉर्क, जिन्होंने तीन बार टोमाहॉक मिसाइलें दागने का आदेश दिया. इससे मिनाब के एक स्कूल में 168 मासूम बच्चे मारे गए. यह पोस्ट ईरान इन इंडिया की तरफ से जारी किया गया है. 

    क्या बोले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची?

    ईरान ने इन मिसाइल हमलों को सुनियोजित यानी पहले से तय योजना के हमला करार दिया है. जिनेवा में हुई एक बहस में विदेश मंत्री अब्बास अराघटी ने शजारेह तैय्येबाह गर्ल्स स्कूल पर हमले को संघर्ष के पहले ही दिन किया गया एक जानबूझकर और चरणबद्ध तरीके से किया ऑपरेशन बताया. उन्होंने कहा कि 175 से ज्यादा छात्र और शिक्षक मारे गए. इसके अलावा कहा गया है कि एक रिपोर्ट बताए गए निष्कर्षों से पता चलता है कि लक्ष्य की पहचान करने के लिए पुरानी खुफिया जानकारी का इस्तेमाल किया है. मिसाइल का निशाना पास की एक सैन्य अड्डा था, लेकिन गलत मैपिंग के चलते स्कूल पर हमला हो गया. 

    अमेरिकी अधिकारियों ने पूरे मामले में क्या सफाई दी?

    इस पूरे मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि जांच अभी भी चल रही है. कई अहम सवाल अभी बाकी हैं. इनमें खुफिया जानकारी की ठीक से जांच क्यों नहीं की गई, का मुद्दा भी शामिल है. वॉशिंगटन ने हमेशा यही कहा है कि वह नागरिकों की जगहों को निशाना नहीं बनाता है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि इसके लिए खुद ईरान ही जिम्मेदार हो सकता है.  साथ ही दावा किया है कि उसके हथियार सिस्टम अक्सर सटीक नहीं होते हैं. इधर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई ने हमले का वीडियो फुटेज भी जारी किया है. इसमें अमेरिका पर वॉर क्राइम का आरोप लगाया. मीनाब पर यह हमला ऐसे समय हुआ, जब ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल ने सैन्य संघर्ष को जन्म दे दिया था. इसके बाद ईरान ने पलटवार करते हुए कार्रवाई की. 

    यह भी पढ़ें: 'पाक जिहाद युद्ध' बता हूतियों ने इजरायल पर कर दी बैलिस्टिक मिसाइलों की बौछार, बताया कहां-कहां किया हमला?

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