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    'इनके नेताओं का असली भगवान राम नहीं ओवैसी...', सीएम रेवंत रेड्डी का भाजपा पर तीखा हमला

    2 days ago

    तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने आगामी 11 फरवरी को होने वाले नगर निगम चुनावों को लेकर सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर जमकर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी के नेताओं का असली 'भगवान' एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी हैं, न कि राम. 

    रेड्डी ने आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए ओवैसी को 'अलादीन का चिराग' की तरह इस्तेमाल करती है और उनके नाम का डर दिखाकर वोट मांगती है, जिसे उन्होंने 'वैचारिक दरिद्रता' करार दिया.

    प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सीएम रेवंत रेड्डी ने अपने अंदाज में बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा, 'इनका केवल एक ही भगवान है, असदुद्दीन ओवैसी. ये केवल राम का नाम लेते हैं, लेकिन रोज प्रार्थना असदुद्दीन ओवैसी की ही करते हैं.' 

    अगर ओवैसी इतने बुरे तो उनपर कंट्रोल क्यों नहीं कर पा रहे?

    उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ओवैसी इतने बुरे हैं और देश को बर्बाद कर रहे हैं, तो जब केंद्र और कई राज्यों में बीजेपी की ही सरकारें हैं, वे उन पर नियंत्रण क्यों नहीं कर पा रहे हैं? रेड्डी ने कहा कि ओवैसी भी एक राजनीतिक पार्टी के नेता हैं जो चुनाव लड़ते हैं और जहां जीत सकते हैं वहां जीतते हैं, लेकिन उन्हें हर बार राक्षस का रूप देकर डराना बीजेपी की मानसिकता दिखाता है.

    रेवंत रेड्डी ने लोगों से सीधे अपील करते हुए कहा कि वे विकास के लिए कांग्रेस को वोट दें. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने तेलंगाना को फंड देने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई, जबकि बीआरएस (BRS) ने पिछले दो दशकों तक राज्य को लूटा है. उन्होंने कहा कि धार्मिक नफरत फैलाकर और कुछ नेताओं को राक्षस बताकर अपनी राजनीति चमकाना बीजेपी की ही विफलता है.

    तेलंगाना की राजनीति में इन दिनों नगर निकाय चुनावों को लेकर गर्मी है. हैदराबाद और उसके आसपास के इलाकों में बीजेपी लगातार 'ओवैसी फैक्टर' का इस्तेमाल करके हिंदू वोट बैंक को साधने की कोशिश करती रही है. दूसरी ओर, कांग्रेस सत्ता में आने के बाद पहली बार बड़े पैमाने पर हो रहे. इन चुनावों को अपनी लोकप्रियता का परचम बनाना चाहती है. पिछले कुछ समय में बीजेपी नेताओं द्वारा ओवैसी को लेकर दिए गए विवादित बयानों के बाद सीएम का यह बयान उन पर पलटवार माना जा रहा है.

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