Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    dailyadda
    dailyadda

    भारत ने निकाली पाकिस्तान की हेकड़ी! सिंधु जल संधि को लेकर क्यों गिड़गिड़ा रहे मुनीर-शहबाज?

    1 week ago

    सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को लेकर भारत के एक्शन से पाकिस्तान सरकार में खौफ बना हुआ है. शहबाज सरकार ने गुरुवार (1 जनवरी 2026) को गीदड़भभकी दी कि भारत को सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) के तहत पश्चिमी नदियों के पानी के अपने सीमित हिस्से का दुरुपयोग करने की अनुमति नहीं है. विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर हुसैन अंद्राबी ने कश्मीर में चिनाब नदी पर स्थित 260 मेगावाट की दुलहस्ती हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट फेज-2 को भारत की मंजूरी से संबंधित एक सवाल का जवाब देते हुए साप्ताहिक प्रेस वार्ता में ये टिप्पणियां कीं.

    पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले के एक दिन बाद, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई दंडात्मक उपाय लागू किये थे, जिनमें 1960 की सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को स्थगित करना भी शामिल था. विश्व बैंक की मध्यस्थता से गठित आईडब्ल्यूटी 1960 से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के वितरण और उपयोग को नियंत्रित करती आ रही है.

    सिंधु जल संधि को लेकर क्यों गिड़गिड़ा रहा PAK?

    ताहिर हुसैन अंद्राबी ने कहा, ‘हमने चिनाब नदी पर दुलहस्ती हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट फेज-2 के निर्माण की भारतीय योजनाओं से संबंधित खबरें देखी हैं. जाहिर है, ये खबरें गंभीर चिंताएं पैदा करती हैं, क्योंकि इस परियोजना के संबंध में पाकिस्तान के साथ कोई पूर्व सूचना साझा नहीं की गई थी.’ उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने भारत से उन परियोजनाओं के बारे में जानकारी मांगी थी जिन्हें वह शुरू करने की योजना बना रहा है.

    उन्होंने कहा, ‘सिंधु जल के लिए पाकिस्तानी आयुक्त ने भारत में अपने समकक्ष से बताई गई परियोजनाओं की प्रकृति, दायरे और तकनीकी विवरणों के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है और वे यह भी जानना चाहते हैं कि क्या यह एक नयी परियोजना है या किसी मौजूदा संयंत्र में कोई परिवर्तन या अतिरिक्त कार्य है.’’

    हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के निर्माण को लेकर PAK की गीदड़भभकी

    प्रवक्ता ने कहा कि आईडब्ल्यूटी के तहत, भारत पश्चिमी नदियों पर एकतरफा रूप से किसी भी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए अपने सीमित हिस्से का दुरुपयोग नहीं कर सकता है. अंद्राबी ने दोहराया कि आईडब्ल्यूटी एक बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौता बना हुआ है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन वह अपने मूलभूत जल अधिकारों को लेकर कभी समझौता नहीं करेगा.

    Click here to Read More
    Previous Article
    नए साल के पहले दिन कांपी धरती, भयंकर भूकंप के झटकों से कांपे लोग, कहां का है मामला?
    Next Article
    स्विट्जरलैंड: भीषण ब्लास्ट के बाद शवों को पहचानना मुश्किल, 100 से ज्यादा घायल, जानें बड़ी बातें

    Related विश्व Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment