Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    dailyadda
    dailyadda

    'आपने भगवान को भी नहीं छोड़ा', सबरीमाला सोना चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को लगाई फटकार

    1 week ago

    सबरीमाला मंदिर में सोना चोरी के मामले में देवास्वोम बोर्ड के पूर्व सदस्य केपी शंकर दास को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (5 जनवरी, 2026) को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें शंकर दास ने केरल हाईकोर्ट के आदेश में उनके खिलाफ की गई टिप्पणियों को हटाने की मांग की थी.

    जस्टिस दीपांकर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि आपने भगवान को भी नहीं छोड़ा. कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि देवास्वोम बोर्ड के सदस्य के तौर पर शंकर दास की जिम्मेदारी बनती है और वे चोरी के मामले में अपनी भूमिका से पल्ला नहीं झाड़ सकते. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि केरल हाईकोर्ट ने अपने आदेश में शंकर दास की उम्र और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केवल उस आधार पर नरमी बरती थी.

    सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट की टिप्पणियों को उचित ठहराते हुए उन्हें हटाने से इनकार कर दिया. दरअसल, केरल हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि सबरीमाला मंदिर में सोने की चोरी के मामले में केपी शंकर दास और के विजयकुमार आपराधिक साजिश से बच नहीं सकते. हाईकोर्ट की इसी टिप्पणी को हटाने की मांग को लेकर शंकर दास ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी दलीलों को स्वीकार करने से इनकार करते हुए अपील खारिज कर दी.

    सबरीमाला भगवान अयप्पा मंदिर से कई किलो सोने की चोरी और कुछ कीमती सामानों के गायब होने की खबर मुख्य मुद्दा बनकर उभरी. यह सोना 1998-99 में यूबी ग्रुप के चेयरमैन विजय माल्या की ओर से दान की गई द्वारपाल मूर्तियों पर लगी परत का हिस्सा था. मामले में केरल हाईकोर्ट के दखल के बाद एक उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी गई.

    जांच के बाद एन. वासु और ए. पद्मकुमार को गिरफ्तार किया गया, जो त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्सवादी के वरिष्ठ नेता हैं. इन गिरफ्तारियों ने विपक्ष के इस रुख की पुष्टि की कि मंदिर प्रशासन का इस्तेमाल सत्ता केंद्रों के करीबियों द्वारा व्यक्तिगत लाभ के लिए किया जा रहा था, जिससे व्यापक साजिश की सीबीआई जांच की मांग उठी. सबरीमाला सोने की चोरी मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अब तक वासु और पद्मकुमार सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया है.

     

    यह भी पढ़ें:-
    'इस पर न्यायिक सुनवाई जरूरी नहीं', अजमेर शरीफ दरगाह में पीएम की तरफ से चादर चढ़ाने के खिलाफ याचिका SC में खारिज

    Click here to Read More
    Previous Article
    Karnataka: शादी से इनकार करने पर महिला की क्रूर हत्या, फिर आरोपी ने जंगल में फांसी लगा किया सुसाइड
    Next Article
    न्यायिक अधिकारियों पर तुच्छ आरोप लगाए जाने की प्रवृत्ति से सुप्रीम कोर्ट परेशान, दी ये चेतावनी

    Related इंडिया Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment