Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    dailyadda
    dailyadda

    30 साल के करियर पर 'मर्दानी 3':रानी मुखर्जी ने कहा- बुराई का कोई जेंडर नहीं, लेकिन औरत का सम्मान हमेशा महारानी जैसा होना चाहिए

    4 days ago

    रानी मुखर्जी हिंदी सिनेमा की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में हैं, जिन्होंने अपने तीन दशक लंबे करियर में अभिनय को सिर्फ कला नहीं, जिम्मेदारी बनाया है। ‘मर्दानी 3’ उनके इस सफर की सबसे सशक्त कड़ी बनकर सामने आती है। रानी मानती हैं कि यह फिल्म महज एक कहानी नहीं, बल्कि महिलाओं, लड़कियों और बच्चियों की सुरक्षा और सम्मान का संदेश है। शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार के जरिए वह महिला पुलिस अधिकारियों के साहस, संघर्ष और जज्बे को सलाम करती हैं। रानी के लिए सिनेमा बदलाव की आवाज है, जहां औरत का दर्जा हमेशा एक महारानी जैसा होना चाहिए। हाल ही में रानी मुखर्जी ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की, पेश है कुछ प्रमुख अंश.. सवाल: इंडस्ट्री में आपके 30 साल पूरे होना, और उसी मौके पर ‘मर्दानी 3’ जैसी इतनी सशक्त और प्रभावशाली स्क्रिप्ट का मिलना, एकदम परफेक्ट फिट है। ऐसा क्या था इस प्रोजेक्ट और इस स्क्रिप्ट में, जिसने 30 साल पूरे होने पर आपको इसे चुनने के लिए प्रेरित किया? जवाब: असल में यह सब अपने आप हो गया। इसमें कोई खास योजना नहीं थी। ‘मर्दानी 3’ की शूटिंग मैं पिछले साल कर रही थी और तब यह भी नहीं पता था कि यह किस साल रिलीज होगी। लेकिन जैसा कहते हैं न कि कभी-कभी चीजें अपने आप जुड़ जाती हैं, जैसे किस्मत। शायद यह देवी मां का आशीर्वाद है कि मेरे 30 साल के करियर में यह इतनी शक्तिशाली फिल्म, इतने मजबूत संदेश के साथ मेरे जीवन से जुड़ गई। यह फिल्म औरतों, लड़कियों और बच्चियों के लिए एक बहुत अहम संदेश लेकर आई है। मेरे इंडस्ट्री के 30 साल के सफर में यह फिल्म एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव है। मैं बस यही दुआ करती हूं कि आगे चलकर और भी लड़कियां सतर्क रहें, बच्चियों और महिलाओं पर अत्याचार न हो, और जो भी दर्शक यह फिल्म देखें, वे यह समझें कि औरतों का जो दर्जा होना चाहिए, वह एक महारानी जैसा होना चाहिए। चाहे वह आपकी मां हो, पत्नी हो, बहन हो या बेटी। घर में उनका सम्मान हमेशा एक रानी की तरह होना चाहिए। सवाल : आप इकलौती ऐसी अभिनेत्री हैं जिनके नाम पर एक सफल फिल्म फ्रेंचाइज है। क्या इससे आपके ऊपर दबाव और जिम्मेदारी और बढ़ जाती है? जवाब: मैं हमेशा यही कहूंगी कि हर फिल्म के साथ दबाव और जिम्मेदारी होती ही है। हर फिल्म में निर्माता, निर्देशक और लेखक एक सपना देखते हैं, एक अच्छी कहानी बनाने का और उसे दर्शकों तक पहुंचाने का। कलाकार के रूप में हमारी भी जिम्मेदारी होती है कि हम अपने किरदार को पूरी ईमानदारी और खूबसूरती से निभाएं। शिवानी शिवाजी रॉय का किरदार निभाने के साथ एक खास जिम्मेदारी जुड़ी है, क्योंकि वह वर्दी में एक महिला है। हमारी असल जिंदगी की जो महिला पुलिस अधिकारी हैं, जो हर राज्य और हर जिले में हमारी सुरक्षा कर रही हैं। यह फिल्म उनके जीवन पर है। उनकी चुनौतियों और उनके संघर्षों को दर्शाती है। वे किस तरह बच्चियों और महिलाओं को अपराध से बचाने की कोशिश करती हैं, यह दिखाना अपने आप में बहुत बड़ी बात है। सवाल :पहली बार ऐसा देखने को मिलेगा कि एक महिला नायिका और एक महिला खलनायिका आमने-सामने हैं। जब आपको पता चला कि शिवानी शिवाजी रॉय बनाम अम्मा का मुकाबला होने वाला है, तो आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मर्दानी हमेशा से एक ऐसी फ्रेंचाइज रही है जो समाज की सच्चाई पर आधारित है। खासकर बच्चियों और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों पर। इसका मकसद जागरूकता फैलाना भी है, क्योंकि आज कोई भी जगह पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं,न घर के अंदर, न बाहर। बुराई का कोई जेंडर नहीं होता। बुराई किसी के अंदर भी आ सकती है। चाहे वह एक युवा लड़का हो, जैसा कि पहले भाग में था, या फिर कोई पढ़ा-लिखा, सभ्य दिखने वाला इंसान। इस बार अगर अम्मा का किरदार एक महिला निभा रही है, तो इसका मतलब यह नहीं कि बुराई महिला की वजह से है। जहां बुराई होती है, वहां अच्छाई उसका सामना करती है,और वही शिवानी का किरदार है। यही मैं कहना चाहती थी कि बुराई का कोई लिंग नहीं होता। सवाल: मर्दानी फ्रेंचाइज को भारतीय पुलिस बल, खासकर महिला पुलिस अधिकारियों के लिए एक श्रद्धांजलि की तरह देखा जाता है। क्या कोई ऐसा अनुभव है जो आज भी आपके दिल में बसा हो? जवाब: जब भी मैं उनसे मिलती हूं, तो उनके पारिवारिक जीवन के बारे में पूछती हूं कि वे सब कुछ कैसे संभालती हैं। वे बताती हैं कि सुबह पूरे परिवार के लिए खाना बनाती हैं, फिर ड्यूटी पर जाती हैं और रात को लौटकर फिर घर की जिम्मेदारियां निभाती हैं। यह सब जानकर मुझे बहुत प्रेरणा मिलती है। वे अपनी ड्यूटी के साथ-साथ घर की जिम्मेदारी भी पूरी मुस्कान के साथ निभाती हैं। दिन के 24 घंटे बहुत कम पड़ जाते हैं, फिर भी वे हर मोर्चे पर डटी रहती हैं। वही असली शक्ति हैं, वही असली मर्दानी हैं। सवाल : फिल्म में आपकी एंट्री पर सीटियां और तालियां बज रही थीं। आपने खुद स्टंट किए हैं। कई वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि आपकी स्क्रीन प्रेजेंस में धर्मेंद्र की ताकत और सनी देओल का पावर दिखता है? जवाब: कृपया मेरी तरफ से उन सभी वरिष्ठ पत्रकारों को धन्यवाद कहिएगा। वे इतने सालों से फिल्में देखते आ रहे हैं, तो अगर उन्हें मेरे काम में यह ताकत नजर आई, तो यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। जब आप लोग मेरे काम की सराहना करते हैं, तो मुझे लगता है कि मेरी मेहनत और मेरी कोशिश रंग लाई है। एक कलाकार के तौर पर मैं इसी के लिए जीती हूं। सवाल : आपने खुद इतने कठिन स्टंट किए। यह शारीरिक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। आपने यह सब कैसे किया? जवाब: क्योंकि मेरे ऊपर एक जिम्मेदारी थी कि जिन महिला पुलिस अधिकारियों का मैं प्रतिनिधित्व कर रही हूं, उनका चित्रण सच्चाई और सम्मान के साथ हो। लोगों को यह समझना चाहिए कि हमारी पुलिस फोर्स की महिलाएं किस जज्बे से अपना काम करती हैं। कभी-कभी हमें खुद पर भी शक होता है कि हम यह कर पाएंगे या नहीं, लेकिन अगर अंदर जज्बा हो, तो हम कुछ भी कर सकते हैं। शूटिंग के दौरान मैंने यही जज्बा अपने साथ रखा। जो भी चुनौती सामने आई, मैंने उसे स्वीकार किया। सवाल : आपको बहुत सारे कॉम्प्लिमेंट्स और फीडबैक मिले होंगे। कोई ऐसा कॉम्प्लिमेंट जो आज भी दिल में हो? जवाब: बहुत से लोग कहते हैं कि जब वे मेरा काम देखते हैं, तो उन्हें सिर्फ एक किरदार नहीं दिखता, बल्कि एक एहसास महसूस होता है। यह मेरे लिए बहुत जरूरी है। अगर कोई लड़की यह फिल्म देखकर खुद को मजबूत, प्रेरित और सशक्त महसूस करती है, तो यही मेरे काम की सबसे बड़ी सफलता है। यह सुनकर मुझे बेहद खुशी मिलती है। सवाल: क्या आपकी बेटी ने ‘मर्दानी 3’ देखी है? जवाब: अभी तो उनकी उम्र इतनी नहीं है कि वो पूरी फिल्म देख सकें। सवाल: लेकिन झलक तो देख पाई होंगी? जवाब: हां, झलक तो वो रोज घर पर देख ही लेती है। लेकिन वो बहुत प्राउड फील करती है, क्योंकि उसके स्कूल की टीचर्स उससे कहती हैं कि उन्होंने मम्मा की नई फिल्म देखी और उन्हें बहुत पसंद आई। तो वो बहुत खुश होती है, बहुत गर्व महसूस करती है। सवाल: ‘मर्दानी 3 के बाद आपसे उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। आगे क्या देखने को मिलेगा? जवाब: अभी मैं ज्यादा कुछ कहना नहीं चाहती, क्योंकि इस वक्त पूरा फोकस सिर्फ ‘मर्दानी 3’ पर होना चाहिए। मैं चाहती हूं कि जितनी महिलाएं हैं, जितनी औरतें हैं, जितनी फैमिलीज हैं। सब जाकर ये फिल्म थिएटर में देखें। इस फिल्म को थिएटर में देखना बहुत जरूरी है। क्योंकि अगर मुझे मर्दानी की सीरीज को आगे लेकर जाना है, तो इस फ्रेंचाइजी का ब्लॉकबस्टर होना बेहद जरूरी है। सवाल: बिल्कुल, और फिल्म का इंपैक्ट साफ दिख रहा है। खासतौर पर फीमेल ऑडियंस को तो बहुत पसंद आ रही है। हालांकि सिर्फ महिलाएं ही नहीं, हर तरह की ऑडियंस इसे पसंद कर रही है। क्या कहना चाहेंगी? जवाब: मैंने बहुत सारे पब्लिक रिव्यूज देखे हैं और मुझे ऐसा लग रहा है कि लड़कों को ये फिल्म बहुत ज्यादा पसंद आ रही है। जितने भी लड़के फिल्म देखकर बाहर आ रहे हैं, वो बड़े गर्व के साथ कह रहे हैं कि ये मस्ट वॉच फिल्म है और सबको देखनी चाहिए। मुझे ये देखकर बहुत अच्छा लग रहा है, क्योंकि लड़के भी ये महसूस कर रहे हैं कि बुराई का अंजाम ऐसा ही होना चाहिए।
    Click here to Read More
    Previous Article
    वैलेंटाइन डे पर रिलीज होगी शाहिद-तृप्ति की ‘ओ रोमियो’:एक्टर ने कहा- रोमांस जिंदगी की सबसे खूबसूरत चीज, एक्ट्रेस बोलीं- थोड़ी रोमांटिक और रियलिस्ट हूं
    Next Article
    नेपाली एक्टर सुनील थापा का कार्डियक अरेस्ट से निधन:फिल्म मैरी कॉम में प्रियंका चोपड़ा के कोच बने थे, 300 से ज्यादा फिल्मों में की एक्टिंग

    Related मनोरंजन Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment