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    Zomato के नए CEO अलबिंदर ढींडसा ने कहां से की है पढ़ाई-लिखाई? जानिए

    1 week ago

    जोमैटो की पैरेंट कंपनी Eternal को नया CEO मिल गया है. कंपनी ने अलबिंदर ढिंढसा को यह जिम्मेदारी सौंपी है. वे इससे पहले क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Blinkit के को-फाउंडर और प्रमुख रहे हैं. जोमैटो के फाउंडर दीपिंदर गोयल के पद छोड़ने के बाद यह बदलाव हुआ है, जिसे भारत के ऑन-डिमांड डिलीवरी सेक्टर में बड़ा कदम माना जा रहा है.

    अलबिंदर ढिंढसा का जन्म पंजाब के पटियाला में हुआ. पढ़ाई के दौरान ही उनकी रुचि टेक्नोलॉजी और बिजनेस में बनने लगी, जिसका असर उनके करियर में साफ दिखता है. अलबिंदर ढिंढसा ने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की. आईआईटी से मिली तकनीकी समझ ने उन्हें स्टार्टअप और लॉजिस्टिक्स की दुनिया में आगे बढ़ने की मजबूत नींव दी.

    MBA कहां से किया?

    इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने अमेरिका जाकर कोलंबिया बिजनेस स्कूल से एमबीए किया. यहां से मिली मैनेजमेंट और ग्लोबल बिजनेस की समझ ने उनके नेतृत्व कौशल को और मजबूत किया. आईआईटी और कोलंबिया से मिली पढ़ाई ने अलबिंदर ढिंढसा को टेक्नोलॉजी, सप्लाई चेन और कस्टमर बिजनेस को नए नजरिये से देखने में मदद की. यही वजह है कि उन्होंने Grofers (बाद में Blinkit) को खड़ा किया और क्विक-डिलीवरी मॉडल को भारत में लोकप्रिय बनाया.

    Blinkit से Eternal तक

    2013 में Grofers की शुरुआत हुई, जो बाद में Blinkit बना. 10 मिनट में डिलीवरी जैसे मॉडल ने बाजार की सोच बदली. 2022 में जोमैटो ने Blinkit का अधिग्रहण किया, जिसके बाद यह ग्रुप का अहम हिस्सा बन गया. अब Eternal के CEO के रूप में अलबिंदर ढिंढसा से कंपनी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है.

    दीपिंदर गोयल का क्या होगा रोल?

    दीपिंदर गोयल ने ग्रुप CEO के पद से हटने का निर्णय किया है. शेयरहोल्डर्स से मंजूरी मिलने के बाद यह बदलाव 1 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा. हालांकि दीपिंदर गोयल कंपनी से पूरी तरह अलग नहीं हो रहे हैं. वे आगे भी वाइस चेयरमैन के तौर पर इटरनल से जुड़े रहेंगे और कंपनी की लंबी रणनीति और अहम फैसलों में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे. कंपनी की ओर से बताया गया है कि यह बदलाव आने वाले समय में ग्रोथ को तेज करने और मैनेजमेंट को और बेहतर बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है.

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