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    दिल्ली में रॉन्ग साइड गाड़ी चलाई तो कितनी मिलेगी सजा, जानें क्या कहता है कानून

    1 week ago

    Wrong Side Driving Rules: दिल्ली की सड़कों पर रोजाना लाखों गाड़ियां दौड़ती हैं और जरा सी लापरवाही कई जिंदगियों को खतरे में डाल सकती है. हाल ही में कैंट थाना इलाके में एक ऐसा ही मामला सामने आया. जहां हनुमान मंदिर रेड लाइट के पास एक युवक ने रॉन्ग साइड कार चला दी जिससे सामने से आ रहे वाहनों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया. 

    ट्रैफिक पुलिस ने इस बार सिर्फ चालान नहीं काटा. बल्कि एफआईआर भी दर्ज कर ली. दावा किया जा रहा है कि रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर यह देश का पहला मामला है. जिसमें सीधे आपराधिक केस दर्ज हुआ है. इस घटना के बाद लोग जानना चाहते हैं कि आखिर रॉन्ग साइड गाड़ी चलाने पर कानून क्या कहता है और कितनी सख्त सजा हो सकती है. चलिए आपको बताते हैं. 

    पहले सिर्फ चालान अब सीधे एफआईआर

    3 जनवरी को कुसुमपुर पहाड़ी निवासी अमन अपनी कार से जा रहा था. कैंट इलाके में हनुमान मंदिर रेड लाइट के पास उसने रॉन्ग साइड ड्राइविंग शुरू कर दी. इससे सीधी डायरेक्शन से आ रहे गाड़ियों को अचानक ब्रेक लगाने पड़े और बड़ा हादसा होते होते बचा. ASI सुनील कुमार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया. जांच में सामने आया कि अमन के पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस था और न ही कार का बीमा. 

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    पुलिस ने आरोपी पर बीएनएस की धारा 281 के तहत एफआईआर दर्ज की. इसके साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 3/181, 146 और 196 भी लगाई गई हैं. अब तक रॉन्ग साइड चलाने पर ज्यादातर मामलों में केवल चालान काटा जाता था. लेकिन इस केस में पुलिस ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए आपराधिक कार्रवाई की. अधिकारियों का कहना है कि जब रॉन्ग साइड ड्राइविंग से दूसरों की जान को सीधा खतरा होता है. तो अब एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है.

    कितनी हो सकती है सजा?

    बीएनएस की धारा 281 तेज और लापरवाह ड्राइविंग से जान को खतरा पहुंचाने से जुड़ी है. पहले आईपीसी में यही धारा 279 थी. इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की जेल 1000 रुपये तक जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है. इसके अलावा मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अलग से कार्रवाई होती है. रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर आम तौर पर पहली बार 5000 रुपये तक चालान. दोबारा पकड़े जाने पर 10000 रुपये तक जुर्माना और लाइसेंस सस्पेंड होने का प्रावधान है.

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    अगर ड्राइवर के पास लाइसेंस नहीं है. तो धारा 3/181 के तहत अलग सजा मिलती है. बीमा न होने पर धारा 146 और 196 लगती है. जिसमें जुर्माने के साथ जेल तक का प्रावधान है. पुलिस का साफ कहना है कि अब रॉन्ग साइड ड्राइविंग को मामूली गलती नहीं माना जाएगा. अगर इससे सड़क पर खतरा पैदा होता है तो चालान के साथ एफआईआर भी होगी है.

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