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    TECH EXPLAINED: क्या होता है सेमीकंडक्टर! जानिए कैसे करते हैं काम और क्यों भारत सरकार ने इसके लिए दिए 40 हजार करोड़ रुपये

    1 week ago

    What are Semiconductors: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में भारत भी इस क्षेत्र पर लगातार जोर दे रहा है. इसी दिशा में देश के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार ने आज बजट 2025–26 में एक बड़ा कदम उठाया है. बजट 2026 में सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए करीब 40,000 करोड़ रुपये का ऐलान किया गया है. इसके पीछे का मकसद भारत की टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को नई ऊंचाई पर पहुंचाने का है. 

    दरअसल, आज जिन इलेक्ट्रॉनिक चीजों पर हमारी रोजमर्रा की ज़िंदगी टिकी है, उनकी जड़ में सेमीकंडक्टर मौजूद हैं. देखने में ये छोटे-से चिप या काले स्क्वायर जैसे लगते हैं लेकिन असल में यही इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, सेंसर और कंट्रोल यूनिट बनकर हर सिस्टम को चलाते हैं. स्मार्टफोन और घरेलू उपकरणों से लेकर कार, कम्युनिकेशन नेटवर्क, मेडिकल मशीन, रेलवे और पावर ग्रिड तक हर जगह इनकी भूमिका अहम है. अगर इनमें जरा-सी खराबी या सप्लाई में देरी हो जाए तो आम लोगों से लेकर इंडस्ट्री तक सब प्रभावित हो सकते हैं. यही वजह है कि सेमीकंडक्टर सिर्फ एक इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट नहीं बल्कि आधुनिक समाज की बुनियाद बन चुके हैं.

    सरकार ने बजट में दिए 40 हजार करोड़ रुपये

    सेमीकंडक्टर के लिए सरकार ने 40 हजार करोड़ रुपये का बजट दिया है. बजट 2026 में भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार अब ISM 2.0 की शुरुआत करने जा रही है. इस पहल का मकसद सेमीकंडक्टर उपकरण और डिवाइसों का निर्माण, फुल-स्टैक डिजाइन क्षमताओं का विकास, भारतीय बौद्धिक संपदा को बढ़ावा देना और देश की सप्लाई चेन को ज्यादा मजबूत बनाना है.

    यह 40,000 करोड़ रुपये का निवेश कई मायनों में बेहद अहम माना जा रहा है. दुनिया भर में सप्लाई चेन में आ रही रुकावटें, भू-राजनीतिक तनाव और AI, इलेक्ट्रिक वाहनों, 5G और 6G टेलीकॉम, रक्षा क्षेत्र और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में सेमीकंडक्टर की तेजी से बढ़ती मांग ने इस सेक्टर को रणनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण बना दिया है. ऐसे समय में यह निवेश भारत की हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करने में मदद करेगा.

    क्या होते हैं सेमीकंडक्टर

    सेमीकंडक्टर असल में एक बेहद छोटी लेकिन बेहद ताकतवर इलेक्ट्रॉनिक चिप होती है जो आमतौर पर सिलिकॉन या जर्मेनियम जैसे तत्वों से बनाई जाती है. आसान शब्दों में समझें तो यही चिप किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को सोचने, समझने और काम करने की क्षमता देती है. कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, मोबाइल फोन, कारें, इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, डिजिटल कैमरे, संचार उपकरण, ट्रेन सिस्टम और यहां तक कि ATM कार्ड तक इन सभी के भीतर सेमीकंडक्टर मौजूद होता है. किसी भी डिवाइस का कंट्रोल सिस्टम और मेमोरी इन्हीं चिप्स के जरिए काम करती है. इलेक्ट्रॉनिक सर्किट की बुनियाद यही होते हैं और हैरानी की बात यह है कि एक नाखून से भी छोटी चिप के अंदर अरबों बेहद सूक्ष्म स्विच लगे होते हैं जो पलक झपकते ही डेटा को प्रोसेस कर देते हैं.

    स्मार्टफोन के अंदर छिपा सेमीकंडक्टर का कमाल

    आज के स्मार्टफोन में दर्जनों नहीं बल्कि सैकड़ों सेमीकंडक्टर डिवाइस लगे होते हैं. फोन का दिमाग कहलाने वाला System-on-a-Chip यानी SoC सबसे अहम चिप होता है. यही चिप मेमोरी, कैमरा, सेंसर और नेटवर्क जैसे तमाम हिस्सों के साथ मिलकर तेज़ी से काम करता है.

    जब आप कैमरा खोलकर फोटो खींचते हैं तो SoC कैमरा मॉड्यूल को कमांड देता है. इमेज सेंसर रोशनी को इलेक्ट्रिकल सिग्नल में बदलता है जिसे SoC प्रोसेस करके साफ, शार्प और कलर-करैक्ट इमेज में बदल देता है. इस दौरान हाई-स्पीड RAM डेटा को अस्थायी रूप से संभालती है और आखिर में फोटो फ्लैश मेमोरी में सेव हो जाती है. साथ ही पावर मैनेजमेंट IC यह सुनिश्चित करता है कि हर चिप को उतनी ही बिजली मिले जितनी जरूरी हो. इसी तालमेल की वजह से मोबाइल पर फोटोग्राफी, गेमिंग और AI फीचर्स इतनी स्मूद लगते हैं.

    क्यों सेमीकंडक्टर के बिना नहीं चल सकती आधुनिक सभ्यता

    चाहे जानकारी का आदान-प्रदान हो बिजली का सही इस्तेमाल या ट्रांसपोर्ट सिस्टम का संचालन हर जगह सेमीकंडक्टर अहम भूमिका निभाते हैं. यही वजह है कि आज इन्हें सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि आधुनिक समाज की बुनियादी संरचना माना जाता है. इनके बिना न स्मार्टफोन काम करेंगे, न स्मार्ट घर और न ही डिजिटल दुनिया का पहिया आगे बढ़ पाएगा. आज के दौर में मोबाइल फोन और गाड़ियां पहले से कहीं ज्यादा हाईटेक हो चुकी हैं और इन सभी एडवांस फीचर्स के पीछे सेमीकंडक्टर की अहम भूमिका होती है.

    कारों में ये चिप्स हेड्स-अप डिस्प्ले, अलग-अलग तरह के सेंसर, मोबाइल और कम्युनिकेशन सिस्टम से कनेक्टिविटी और इंजन के स्मार्ट एलिमेंट्स को कंट्रोल करने में इस्तेमाल होती हैं. ड्राइवर की सुरक्षा से जुड़े फीचर्स जैसे ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम, पार्किंग रियर कैमरा, ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन, एयरबैग और इमरजेंसी ब्रेकिंग भी सेमीकंडक्टर के बिना संभव नहीं हैं. आज ऑटोमोबाइल बाजार में मौजूद लगभग हर कार में इन चिप्स का इस्तेमाल हो रहा है. इनके बिना आधुनिक कार की कल्पना करना भी मुश्किल है. यही स्थिति मोबाइल फोन की भी है जहां प्रोसेसर, कैमरा, नेटवर्क और बैटरी मैनेजमेंट सब कुछ सेमीकंडक्टर पर ही निर्भर करता है.

    क्यों है इतना कीमती

    सेमीकंडक्टर को आज इतना कीमती इसलिए माना जाता है क्योंकि आधुनिक तकनीक की पूरी दुनिया इन्हीं पर टिकी हुई है. लगभग हर उद्योग में इनकी मांग तेजी से बढ़ रही है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी टेक्नोलॉजी में तेज डेटा प्रोसेसिंग और बड़ी मात्रा में जानकारी स्टोर करने के लिए सेमीकंडक्टर बेहद जरूरी हैं. यही चिप्स सुपरफास्ट कंप्यूटिंग और पावरफुल मेमोरी को संभव बनाती हैं. इसके अलावा सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को भविष्य के आर्थिक विकास का मजबूत आधार भी माना जा रहा है क्योंकि आज ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा है जहां इनका इस्तेमाल न हो.

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