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    सिर्फ लो बैलेंस ही नहीं इन वजहों से भी ब्लैकलिस्ट हो जाता है FASTag, कहीं आप भी तो नहीं करते ये गलती?

    1 week ago

    टोल प्लाजा पर बिना रुके सफर को आसान बनाने के लिए फास्टैग अब लगभग हर वाहन के लिए जरूरी हो चुका है. हालांकि, कई बार वाहन चालकों को अचानक टोल बूथ पर यह पता चलता है कि उनका फास्टैग ब्लैकलिस्ट हो गया है. ऐसी कंडीशन में सिर्फ फास्टैग लेने से टोल से जाने की परमिशन नहीं मिलती है, बल्कि कैश में टोल देने के साथ एक्स्ट्रा चार्ज भी चुकाना पड़ सकता है.

    दरअसल, अक्सर लोग मानते हैं कि फास्टैग सिर्फ बैलेंस खत्म होने पर ही ब्लैकलिस्ट होता है, जबकि हकीकत यह है कि इसके पीछे कई और वजह भी हो सकती है. इनमें से ज्यादातर कारण ड्राइवर की छोटी-छोटी गलतियों से जुड़ें होते हैं जो कई बार अनजाने में होती है. इसलिए यह जानना जरूरी होता है कि फास्टैग किन वजहों से ब्लैकलिस्ट होता है और इन समस्याओं से कैसे बचा जा सकता है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि सिर्फ लो बैलेंस ही नहीं बल्कि और किन वजहों से भी फास्टैग  ब्लैकलिस्ट हो जाता है और आप भी कहीं सेम गलती तो नहीं कर रहे हैं. 

    फास्टैग ब्लैकलिस्ट होने का क्या मतलब है?

    जब किसी फास्टैग को ब्लैकलिस्ट किया जाता है, तो वह अस्थायी रूप से डी एक्टिवेट हो जाता है. यानी उस फास्टैग से टोल पेमेंट नहीं हो पाता है. यह कंडीशन नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया या फास्टैग जारी करने वाले बैंक की तरफ से दर्शाती है कि अकाउंट में कोई समस्या है, जिसे ठीक करना जरूरी है.  वहीं ब्लैकलिस्ट फास्टैग के साथ टोल प्लाजा पर सफर करना कई बार बहुत परेशानी भरा हो सकता है.

    किन वजहों से ब्लैकलिस्ट हो जाता है फास्टैग?

    अकाउंट में बैलेंस खत्म होना

    फास्टैग ब्लैकलिस्ट होने का सबसे आम कारण वॉलेट में बैलेंस का कम होना होता है. कई बार अगर अकाउंट में मिनिमम जरूरी बैलेंस नहीं होता है और आप लगातार टोल पार करते हैं, तो सिस्टम टैग को ब्लैकलिस्ट कर सकता है. वहीं कई लोग सोचते हैं कि बाद में रिचार्ज कर लेंगे, लेकिन ऐसा करने से टैग तुरंत ब्लॉक हो सकता है.

    केवाईसी या अपडेट न होने के कारण

    एनएचएआई के नियमों के अनुसार फास्टैग अकाउंट का केवाईसी पूरा होना जरूरी है. अगर केवाईसी अधूरा है या उसकी वैधता खत्म हो चुकी है तो बैंक या सर्विस प्रोवाइडर फास्टैग को ब्लैकलिस्ट कर सकता है. फास्टैग ब्लैकलिस्ट होने की यह एक बड़ी वजह होती है, जिस पर कई लोग ध्यान नहीं देते हैं.

    एक ही वाहन पर एक से ज्यादा फास्टैग

    वन व्हीकल, वन फास्टैग नियम के तहत एक गाड़ी पर सिर्फ एक ही फास्टैग होना चाहिए. कई बार लोग नया फास्टैग तो ले लेते हैं, लेकिन पुराने फास्टैग को बंद नहीं करवाते है. वहीं ऐसी कंडीशन में सिस्टम गाड़ी नंबर को लेकर कंफ्यूज हो जाता है और फास्टैग ब्लैकलिस्ट हो सकता है.

    गलत वाहन कैटेगरी का फास्टैग

    हर फास्टैग एक खास वाहन कैटेगरी के लिए जारी किया जाता है, जैसे कार, एसयूवी या कमर्शियल वाहन. वहीं अगर कार के लिए जारी फास्टैग का इस्तेमाल किसी दूसरी कैटेगरी के वाहन में किया जाता है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जाता है. ऐसे मामलों में भी फास्टैग को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है.

    फास्टैग से छेड़छाड़ पर ब्लैकलिस्ट 

    फास्टैग को एक गाड़ी से निकालकर दूसरी गाड़ी में लगाना, फास्टैग के साथ छेड़छाड़ करना या गलत जगह चिपकाना भी ब्लैकलिस्ट की वजह बन सकता है. इसके अलावा अगर फास्टैग खराब हो जाए, फट जाए, स्कैनर उसे पढ़ न पाए तो भी सिस्टम उसे अस्थायी रूप से ब्लॉक कर सकता है.

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