Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    dailyadda
    dailyadda

    प्रेमानंद महाराज ने सुनाई लैला-मजनू की प्रेम कहानी: जानिए लैला ने कैसा पहचाना असली मजनू को?

    3 days ago

    Premananda Maharaj narrated story of Laila Majnu: लैला-मजनी की कहानी सदियों से प्यार की सबसे गहरी मिसाल मानी जाती रही है. मजनू की लैला के लिए दीवनगी, उसका दुनिया से कट जाना, जंगलों में इधर-उधर भटकना ये सब आम प्रेम कहानी का हिस्सा नहीं था, बल्कि एक समर्पण भावना थी.

    मजनू को लैला में अपना खुदा दिखने लगा था. यही कारण हैं कि, सूफी संतों ने इस कहानी को सांसारिक प्रेम नहीं, बल्कि ईश्वर-प्रेम का प्रतीक माना है. 

    VIDEO: प्रेमानंद से मिलकर द ग्रेट खली ने किया ऐसा सवाल, महाराज जी बोले- तुम्हें जेल हो जाएगी

    वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने लैला-मजनू की इसी कहानी पर प्रकाश डाला है. महाराज जी हमेशा कहते हैं कि, व्यक्ति जब सच्ची भक्ति में होता है, तो वह अपनी पहचान भूल जाता है, उसे केवल ईश्वर ही दिखाई देता है, ठीक वैसे ही जैसे मजनू को हर ओर लैला दिखाई देती थी. प्रेमानंद महाराज इस कहानी को केवल दिल की कहानी ही नहीं, बल्कि आत्मा को जागने का मिसाल मानते हैं. 

     
     
     
     
     
    View this post on Instagram
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     
     

    A post shared by Premanandji Varta (@premanandjivarta)

    प्रेमानंद महाराज ने लैला-मजनू की प्रेम कहानी सुनाई

    लैला को पता चला कि मजनू भूखा-प्यासा घूम रहा है. बावरा सा, दुनिया से कट गया. लैला राजघराने की धनी लड़की थी. उसने तुरंत आदेश दिया, “बाजार में जहां भी, जिस दुकान में मजनू खाना चाहे, उसका पूरा हिसाब मैं दूंगी.”

    जैसे ही यह ऐलान हुआ, लोग जान गए. लाखों मजनू रबड़ी खाने के लिए बाजार में आ गए. असली मजनू की पहचान करना अब मुश्किल था. लेकिन लैला ने कहा, “मैं असली मजनू को जानती हूं. कल कह दो, मुझे उससे मिलना है.”

    अगले दिन हजारों मजनू वहां इकट्ठे हो गए. लैला पर्दे के पीछे खड़ी थी, हाथ में एक चाकू और एक कटोरा था. उसने कहा, “मजनू के दिल का खून चाहिए.”

    भीड़ में जो मजनू केवल रबड़ी खाने आए थे, वह सब डरकर पीछे हट गए. और जो असली मजनू था, उसने मुस्कुराते हुए चाकू उठाया. जब लैला ने मारने को कहा, उसने सिर्फ इतना कहा, “मजनू यही है.”

    वह मजनू जो अपनी जान, अपने दिल, और अपने अस्तित्व की परवाह किए बिना सिर्फ प्यार के लिए जीता था. वही असली मजनू था. बाकी सब केवल नाम के मजनू थे. यही प्रेम की सच्चाई थी: जिसने अपने प्यार के लिए सब कुछ छोड़ दिया, वही सच्चा प्रेमी कहलाता है.

    Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

    Click here to Read More
    Previous Article
    Mayasabha Review:Tumbbad के Director Rahi Anil Barve की 100 minute की फिल्म बांध के रखती है!
    Next Article
    Meen Rashifal 1 February 2026: प्रेम, धन और सफलता का दिन! क्या आपके लिए है खास?

    Related राशिफल Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment