Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    dailyadda
    dailyadda

    मानसिक मजबूती की मदद से जीती प्लेयर्स चैम्पियन​शिप:अमेरिकी गोल्फर ने नंबर-2 से नंबर-1 बनने के लिए माइंडसेट में किया बदलाव, मूलमंत्र- वर्तमान में जियो

    1 week ago

    गोल्फ की दुनिया में अक्सर प्रतिभा से ज्यादा मानसिक मजबूती मायने रखती है। इस बात को गोल्फर कैमरन यंग ने हाल ही में ‘द प्लेयर्स चैम्पियनशिप’ जीतकर सच साबित किया है। इस जीत से यंग वर्ल्ड गोल्फ रैंकिंग में चौथे स्थान पर पहुंच गए हैं। हालांकि यह सफलता उन्हें रातों-रात नहीं मिली। पीजीए टूर में अक्सर खिताब के करीब पहुंचकर पिछड़ने वाले यंग के लिए यह एक बड़े मानसिक बदलाव का नतीजा है। टूर्नामेंट शुरू होने से पहले यंग के मन में विचार आया कि क्या होगा अगर मैं यह खिताब जीत लूं, लेकिन उन्होंने अगले ही पल यह विचार दिमाग से निकाल दिया। उन्हें एहसास हुआ कि यदि पूरा ध्यान सिर्फ ट्रॉफी जीतने पर रहेगा, तो वे मंजिल तक नहीं पहुंच पाएंगे। पिछले एक साल से यंग स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट डॉ. ब्रेट मैककेबे के साथ मानसिक मजबूती पर काम कर रहे हैं। यंग बताते हैं कि पहले बड़े टूर्नामेंट के दौरान वे नकारात्मक सोचने लगते थे। उनका ध्यान नतीजों पर टिका होता था और वे हमेशा घबराए रहते थे कि उन्हें टॉप-5 में जगह बनानी है। करियर के शुरुआती दौर में वे लीडरबोर्ड के टॉप पर जगह बना लेते थे, लेकिन ऐन मौके पर चूक जाते थे। इसकी वजह प्रतिभा की कमी नहीं, बल्कि भटकता हुआ दिमाग था। जब परिस्थितियां योजना के मुताबिक नहीं होती थीं, तो वे खुद पर नियंत्रण खो बैठते थे। डॉ. मैककेबे के साथ काम करके यंग ने नतीजों के बजाय प्रक्रिया और छोटे कदमों पर ध्यान लगाना सीख लिया है। इसका सबसे बड़ा असर पिछले साल क्वेल हॉलो क्लब की पीजीए चैम्पियनशिप में दिखा। उस समय यंग बीमार थे और 30वें नंबर पर संघर्ष कर रहे थे। थकान से गलतियां हो रही थीं। उन्हें वापसी करना नामुमकिन लग रहा था। तभी उन्हें मनोवैज्ञानिक की बात याद आई कि परिस्थितियां कैसी भी हों, अपना शॉट खेलना ही है। उन्होंने खुद को समझाया कि खराब स्कोर या मूड उनके शॉट को प्रभावित नहीं कर सकते। हर शॉट एक मौका है। इसी सकारात्मक सोच ने उन्हें राइडर कप में भी शानदार प्रदर्शन करने में मदद की। द प्लेयर्स चैम्पियनशिप आते-आते यंग का मूल मंत्र बन गया था- ‘वर्तमान में जियो’। अगर दिमाग में कोई पुरानी गलती आती, तो वे खुद को याद दिलाते कि वह गलती तीन होल पीछे छूट चुकी है। यंग का मानना है कि सफलता का असली रहस्य परिणामों के पीछे भागना नहीं है, बल्कि अपनी प्रक्रिया को सही रखना है। उनका यह मानसिक हथियार आगे भी उन्हें कई और बड़ी जीत दिलाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
    Click here to Read More
    Previous Article
    IPL 2026; SRH की कमान संभालेंगे पटना के ईशान किशन:पैट कमिंस के चोटिल होने पर मिली कप्तानी; आज बेंगलुरु से मुकाबला, सामने होंगे विराट कोहली
    Next Article
    शतरंज के मुरीद हो रहे अन्य खेलों के खिलाड़ी:हालेंड ने ‘ग्लोबल चेस टूर’ में निवेश किया, जोकोविच के साथ चेस खेलते थे उनके कोच

    Related खेल Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment