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    कब, क्यों और कैसे बदले देशों के नाम? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप

    2 weeks ago

    दुनिया बदल रही है और इस बदलाव के साथ कई देशों ने अपनी पहचान को नए नाम के रूप में सामने रखा है. इतिहास के अलग-अलग दौर में कुछ देशों ने आजादी के बाद, कुछ ने अपनी भाषा और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए, तो कुछ ने राजनीतिक वजहों से अपना नाम बदला. पुराने नाम यादों में रह गए और नए नामों के साथ नई पहचान बनी.

    दक्षिण एशिया से शुरुआत करें तो पहले जिस देश को दुनिया बर्मा कहती थी, वह आज Myanmar के नाम से जाना जाता है. साल 1989 में सरकार ने यह बदलाव किया. कहा गया कि नया नाम देश की सभी जातियों और समुदायों को साथ लेकर चलता है. हालांकि आज भी कई देशों में लोग इसे बर्मा कह देते हैं, लेकिन आधिकारिक नाम म्यांमार ही है.

    इसी तरह हिंद महासागर में बसे द्वीपीय देश को कभी सीलोन कहा जाता था. आज वही देश श्रीलंका है. साल 1972 में नाम बदला गया ताकि औपनिवेशिक दौर की पहचान को पीछे छोड़कर अपनी भाषा और संस्कृति को आगे लाया जा सके. श्रीलंका नाम आज देश की नई पहचान बन चुका है.

    इन देशों के भी बदले नाम

    मध्य पूर्व में भी नाम बदलने की कहानी कम रोचक नहीं है. कभी दुनिया जिसे फारस के नाम से जानती थी, वह आज Iran है. साल 1935 में यह फैसला लिया गया. ईरान का मतलब होता है आर्यों की भूमि, जो देश की प्राचीन पहचान से जुड़ा है.

    हाल के वर्षों में यूरोप और एशिया की सीमा पर बसे देश ने भी अपने नाम को लेकर बड़ा फैसला लिया. तुर्की ने दुनिया से अनुरोध किया कि उसे अब तुर्किए कहा जाए. सरकार का कहना था कि यही नाम देश की सही पहचान और भाषा को दर्शाता है. संयुक्त राष्ट्र ने भी इस नाम को मान्यता दे दी.

    यूरोप में भी नाम को लेकर विवाद और समाधान की कहानी सामने आई. लंबे समय तक मैसेडोनिया कहलाने वाला देश अब North Macedonia है. ग्रीस के साथ नाम को लेकर चले विवाद के बाद साल 2019 में यह नया नाम तय हुआ और अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली.

    अफ्रीका की ओर बढ़ें तो वहां भी इतिहास ने कई नाम बदले. ब्रिटिश शासन के दौरान रोडेशिया कहलाने वाला देश आज Zimbabwe है. साल 1980 में आजादी मिलने के बाद नया नाम अपनाया गया, जो स्थानीय इतिहास और गौरव से जुड़ा है. पहले स्वाजीलैंड कहलाने वाला देश अब Eswatini है. साल 2018 में राजा ने नाम बदलने का ऐलान किया, ताकि विदेशी असर से हटकर स्थानीय पहचान मजबूत हो सके.

    दक्षिण-पूर्व एशिया में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब सियाम कहलाने वाला देश Thailand बन गया. साल 1939 में हुए इस बदलाव के पीछे आजादी की भावना थी. ‘थाई’ शब्द का मतलब होता है आजाद और यही संदेश देश दुनिया को देना चाहता था.

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