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    JEE Main 2026: जेईई मेंस रिजल्ट में 6 सवाल हो सकते हैं ड्रॉप, छात्रों को ऐसे मिलेंगे पूरे अंक

    2 days ago

    इंजीनियरिंग कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित जेईई मेन सेशन 1 का परिणाम आने में इस बार चार दिन की देरी हो रही है. पहले से जारी कार्यक्रम के अनुसार जनवरी 2026 सत्र का रिजल्ट 12 फरवरी तक घोषित होना था. लेकिन 11 फरवरी की रात नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नई सूचना जारी कर बताया कि अब परिणाम 16 फरवरी 2026 को घोषित किया जाएगा.

    यह देरी छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए की जा रही है. एजेंसी ने साफ किया है कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो, इसलिए हर आपत्ति की गहराई से जांच की जा रही है.

    आंसर-की पर आई आपत्तियों की जांच

    एनटीए ने 6 फरवरी तक प्रोविजनल आंसर-की पर छात्रों से आपत्तियां मांगी थीं. बड़ी संख्या में छात्रों ने कुछ सवालों के जवाब को लेकर चुनौती दी. इन सभी सवालों को विशेषज्ञों की एक समिति के पास भेजा गया है.

    सूत्रों के अनुसार, कम से कम 6 सवाल ऐसे हैं जिन्हें ड्रॉप किया जा सकता है. हालांकि अंतिम फैसला विशेषज्ञों की जांच के बाद ही लिया जाएगा. एजेंसी का कहना है कि हर सवाल और उसके जवाब का दोबारा परीक्षण किया जा रहा है.

    ड्रॉप सवाल का मतलब क्या होता है?

    अगर किसी प्रश्न में ऐसी गलती हो जिसे ठीक नहीं किया जा सकता, जैसे गलत डेटा, टाइपिंग की त्रुटि या भाषा में गड़बड़ी, तो उसे ड्रॉप कर दिया जाता है. ड्रॉप सवाल का मतलब है कि वह प्रश्न पेपर से हटा दिया जाएगा.

    ऐसे में उस शिफ्ट में परीक्षा देने वाले सभी छात्रों को उस सवाल के पूरे अंक दिए जाते हैं, चाहे उन्होंने उसे हल किया हो या नहीं. इससे किसी छात्र का नुकसान नहीं होता.

    छात्रों के हित को प्राथमिकता

    एनटीए का कहना है कि रिजल्ट में देरी का मकसद केवल यह है कि परिणाम पूरी तरह सही और निष्पक्ष हो. एजेंसी नहीं चाहती कि जल्दबाजी में कोई ऐसा फैसला हो जिससे छात्रों के भविष्य पर असर पड़े.

    हर साल लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं और यह परीक्षा उनके करियर की दिशा तय करती है. इसलिए इस बार भी पारदर्शिता और सटीकता पर खास ध्यान दिया जा रहा है.

    13 लाख से ज्यादा छात्रों ने दी परीक्षा

    साल 2026 में जेईई मेन के पहले सत्र के लिए 13,63,900 छात्रों ने आवेदन किया था. इनमें से 13 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा में शामिल हुए. बीई और बीटेक कोर्स में प्रवेश के लिए यह परीक्षा पांच दिनों में दस शिफ्ट में कराई गई.

    एनटीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि परीक्षा के दौरान सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए गए थे. परीक्षा केंद्र में प्रवेश से लेकर परीक्षा खत्म होने तक हर कदम पर नजर रखी गई.

    पारदर्शी प्रक्रिया से बनेगा भरोसा

    इस बार परीक्षा में तकनीक का भी पूरा उपयोग किया गया. केंद्रों पर कड़ी जांच और निगरानी से यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो. अब आंसर-की की जांच के बाद ही अंतिम परिणाम जारी किया जाएगा. यदि किसी शिफ्ट में सवाल ड्रॉप किया जाता है, तो उस शिफ्ट के सभी छात्रों को समान रूप से अंक मिलेंगे. इससे निष्पक्षता बनी रहेगी.

    जेईई मेन सेशन 2 के लिए रजिस्ट्रेशन जारी

    जेईई मेन 2026 के दूसरे सत्र के लिए पंजीकरण प्रक्रिया जारी है. छात्र 25 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं. पहले सत्र का परिणाम आने के बाद दूसरे सत्र के लिए आवेदन में तेजी आने की उम्मीद है. आमतौर पर जिन छात्रों का पहले सत्र में अच्छा स्कोर आता है, वे दूसरे सत्र में शामिल नहीं होते. जो छात्र दोनों सत्र में परीक्षा देते हैं, उनकी अंतिम रैंक दोनों में से बेहतर स्कोर के आधार पर तय की जाती है.

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