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    January Breakup Effect: जनवरी में क्यों बढ़ जाते हैं ब्रेकअप के मामले? जानें इसके पीछे के कारण

    2 days ago

    Why Breakups Increase In January: हर साल जनवरी का महीना लोगों के लिए एक नई शुरुआत लेकर आता है. न्यू ईयर रिजॉल्यूशन, नए लक्ष्य और जिंदगी को नए सिरे से देखने की चाह इस समय सबसे ज्यादा होती है. लेकिन इसी महीने एक और ट्रेंड देखने को मिलता है कि ब्रेकअप के मामलों में अचानक बढ़ोतरी हो जाती है. इसे अक्सर "January Breakup Effect" कहा जाता है. चलिए आपको बताते हैं कि ऐसा क्यों होता है.

    क्यों जनवरी में होते हैं ब्रेकअप?

    एक बात आपको ध्यान रखना चाहिए कि जनवरी खुद ब्रेकअप की वजह नहीं बनती, बल्कि यह वह समय होता है जब लंबे समय से दबे हुए फैसले सामने आ जाते हैं. छुट्टियों के बाद का यह दौर लोगों को रिश्तों पर दोबारा सोचने का मौका देता है. इसके पीछे कुछ कारण होते हैं, जैसे कि 

    छुट्टियों के दौरान इमोशन को दबाना

    दिसंबर का महीना त्योहारों, परिवार, साथ निभाने और खुश दिखने की उम्मीदों से भरा होता है. इस दौरान रिश्ते में परेशानी होने के बावजूद लोग उसे जाहिर करने से बचते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि कोई भी त्योहारों के बीच टकराव, बहस या अलगाव नहीं चाहता. कई कपल्स सोचते हैं, "छुट्टियां निकल जाने दो, फिर बात करेंगे." नतीजा यह होता है कि नाराजगी, असंतोष और शक अंदर ही अंदर बढ़ते रहते हैं. जब जनवरी आती है और सामाजिक दबाव कम होता है, तब वही दबी हुई भावनाएं अचानक बाहर आ जाती हैं.

    नया साल और आत्ममंथन

    जनवरी को लोग एक मानसिक "रीसेट बटन" की तरह देखते हैं. नया साल शुरू होते ही लोग खुद से सवाल करने लगते हैं क्या मैं खुश हूं? क्या मेरा रिश्ता मुझे आगे बढ़ने में मदद कर रहा है?. साइकोलॉजिस्ट के मुताबिक, नया साल एक ऐसा समय होता है जब लोग पुराने समझौतों और अधूरे फैसलों से खुद को अलग महसूस करने लगते हैं. जो बातें पहले नजरअंदाज की जाती थीं, वे अचानक अहम लगने लगती हैं. इसी सोच के चलते कई लोग यह फैसला करते हैं कि अब उस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता.

    रिश्तों के लिए स्ट्रेस टेस्ट होती हैं छुट्टियां

    छुट्टियों के दौरान रिश्तों पर काफी दबाव रहता है. परिवार से मिलना, खर्चों का तनाव, समय की कमी और इमोशनल जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं. ऐसे में रिश्ते की असल मजबूती सामने आ जाती है. अगर किसी रिश्ते में पहले से तालमेल की कमी होती है, तो यह दबाव उसे और साफ कर देता है. तनाव के समय पार्टनर एक-दूसरे को कैसे सपोर्ट करते हैं या नहीं करते, यही जनवरी में बड़े फैसलों की वजह बनता है.

    क्यों होता है जनवरी में फैसला?

    जनवरी लोगों को साफ सोचने का मौका देती है. जब इमोशनल दबाव कम होता है और भविष्य को लेकर सोच बढ़ती है, तब कई लोग यह मान लेते हैं कि किसी ऐसे रिश्ते को आगे ढोना सही नहीं, जो लंबे समय तक चल नहीं सकता. इसी वजह से हर साल जनवरी में ब्रेकअप के मामलों में इजाफा देखने को मिलता है.

    इसे भी पढ़ें- Narcissistic Relationship: किसे कहते हैं नार्सिसिस्टिक पर्सनालिटी, जानें यह आपके रिश्ते को कैसे कर रहा खत्म?

    Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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