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    इस देश में पहाड़ों के बीच बसा है भक्त हनुमान मंदिर, यहां दिखता है आस्था का दिव्य नजारा

    1 week ago

    श्रीलंका को अक्सर हिंद महासागर का मोती कहा जाता है. यह देश अपनी प्राकृतिक सुंदरता, पहाड़ों, चाय के बागानों और समृद्ध संस्कृति के लिए जाना जाता है. भारत के साथ श्रीलंका का धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध भी बहुत पुराना है. यही वजह है कि यहां कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं जो भारतीय परंपराओं और कथाओं से जुड़े हुए हैं.  इन्हीं पवित्र स्थलों में से एक Bhakta Hanuman Temple Ramboda है , जो पहाड़ों के बीच स्थित एक बेहद शांत और खूबसूरत मंदिर है. यह मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं है, बल्कि प्रकृति प्रेमियों और यात्रियों के लिए भी एक खास जगह बन चुका है.

    सादगी भरी वास्तुकला और अद्भुत प्राकृतिक सीन 

    भक्त हनुमान मंदिर की वास्तुकला बहुत सरल है, लेकिन इसकी सुंदरता अलग ही प्रकार की है. मंदिर के दरवाजों पर की गई बारीक नक्काशी इसे विशेष बनाती है. मंदिर के चारों ओर फैली प्राकृतिक सुंदरता इसे और भी भव्य बना देती है. यहां से दूर-दूर तक फैली पहाड़ियां, घने जंगल और हरे-भरे चाय के बागान दिखाई देते हैं. इसके अलावा दूर चमकती झील और शाम के समय आसमान में बिखरते रंग इस जगह को किसी चित्र जैसा सुंदर बना देते हैं. 

    रामायण से जुड़ा है इस स्थान का महत्व

    रामबोडा घाटी का उल्लेख प्राचीन हिंदू महाकाव्य Ramayana में भी मिलता है. मान्यता है कि जब Hanuman माता Sita की खोज में लंका पहुंचे थे, तो उन्होंने सबसे पहले इसी स्थान पर कदम रखा था.  कहा जाता है कि समुद्र पार करके लंका आने के बाद हनुमान जी ने यहीं थोड़ी देर विश्राम किया था. इसके बाद वे आगे बढ़कर सीता माता की तलाश में निकल पड़े. 

    सीता अम्मन मंदिर और पवित्र धारा

    इस मंदिर से कुछ ही किलोमीटर दूर Seetha Amman Temple भी स्थित है. मान्यता है कि यहां बहने वाली एक छोटी धारा के किनारे सीता माता प्रतिदिन प्रार्थना किया करती थीं. नदी के पास मौजूद कुछ चट्टानों पर स्थानीय लोग हनुमान जी के पदचिह्न होने का दावा करते हैं. कहा जाता है कि जब हनुमान जी सीता माता से मिले थे और उन्हें Rama की अंगूठी दी थी, तब उनके पैरों के निशान वहां पड़े थे. 

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    रामबोडा नाम का भी है खास अर्थ

    कुछ इतिहासकारों के अनुसार रामबोडा का नाम तमिल शब्द रामपडाई से जुड़ा है, जिसका अर्थ राम की सेना होता है. यह भी माना जाता है कि लंका के राजा Ravana से युद्ध से पहले भगवान राम ने अपनी सेना को इसी इलाके में इकट्ठा किया था. 

    कब बना भक्त हनुमान मंदिर

    रामबोडा में स्थित यह मंदिर बहुत प्राचीन नहीं है. इसका निर्माण साल 1999 में Chinmaya Mission में कराया गया था. यह मंदिर श्रीलंका के प्रसिद्ध पहाड़ी शहर Nuwara Eliya से लगभग 30 किलोमीटर उत्तर में स्थित है. यह क्षेत्र अपने विशाल चाय बागानों और ठंडी जलवायु के लिए प्रसिद्ध है. यहां पहुंचने के लिए यात्री Nanu Oya Railway Station तक ट्रेन से आ सकते हैं और वहां से टैक्सी लेकर मंदिर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है. 

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