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    Iran-US Attack: इजरायली एयरस्ट्राइक में लारीजानी ही नहीं उनका बेटा भी मारा गया, जानें उस वक्त कहां थे दोनों

    1 day ago

    मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरान को बहुत बड़ा नुकसान हुआ है. इस दौरान ईरान के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक अली लारीजानी की मंगलवार (17 मार्च 2026) सुबह हवाई हमले में मौत हो गई. यह हमला तेहरान के पास पारदिस इलाके में उनकी बेटी के घर पर हुआ. ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने पुष्टि की कि इस हमले में लारीजानी के साथ उनके बेटे मोर्तेजा, सुरक्षा डिप्टी अलीरेजा बायत और कई बॉडीगार्ड भी मारे गए.

    रिपोर्ट के अनुसार, यह हमला देर रात या सुबह के शुरुआती समय में हुआ. ईरान के सरकारी मीडिया ने भी बताया कि हमला सीधे उनके घर को निशाना बनाकर किया गया. इस हमले को मौजूदा युद्ध में ईरान के शीर्ष नेताओं पर सबसे बड़े हमलों में से एक माना जा रहा है. इससे पहले इजरायल काट्ज ने दावा किया था कि इजराइल ने कई बड़े ईरानी नेताओं को खत्म किया है.

    बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा बयान

    इजरायल ने यह भी कहा कि उसने घोलमरेजा सोलेमानी को भी मार गिराया है, जो ईरान की अर्धसैनिक बल बसिज के प्रमुख थे. इजरायली सेना के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने कहा कि वे ईरान के नए नेतृत्व को भी निशाना बनाते रहेंगे, जिसमें मुज्तबा खामेनेई का नाम भी शामिल है. इस बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इन हमलों का मकसद ईरान की नेतृत्व व्यवस्था को कमजोर करना है. वहीं, डोनाल्ड ट्रंप के साथ बढ़ते तनाव के बीच लारीजानी ने कुछ दिन पहले ही कड़ा बयान दिया था. अली लारीजानी लंबे समय तक ईरान की राजनीति के केंद्र में रहे. वे 2008 से 2020 तक संसद के स्पीकर रहे और देश की सुरक्षा परिषद के प्रमुख भी थे. उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम में भी बड़ी भूमिका निभाई और पश्चिमी देशों के साथ बातचीत में हिस्सा लिया. वे रूस और चीन के साथ संबंध मजबूत करने के पक्षधर माने जाते थे.

    कौन थे लारीजानी?

    लारीजानी एक जन्म साल 1958 में एक प्रभावशाली परिवार में हुआ था. उनके भाई सादिक लारिजानी और मोहम्मद जवाद लारिजानीभी बड़े पदों पर रहे हैं. उनकी मौत को ईरान की नेतृत्व व्यवस्था के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वे कई सालों से सत्ता के केंद्र में थे.

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