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    How to do Fasting: क्या व्रत रखने से आप चुराते हैं दिल? पाचन तंत्र से लेकर नई कोशिकाएं बनाने की दवा होता है उपवास

    1 week ago

    पेट शरीर का अहम और जरूरी हिस्सा होता है. माना जाता है कि अगर पेट सही है तो आधी से ज्यादा बीमारियां अपने आप ठीक हो जाती हैं, लेकिन आज की आरामदायक लाइफस्टाइल की वजह से पेट से जुड़ी बीमारियां हर उम्र के लोगों की परेशानी बन चुके हैं. भूख न लगना, गैस बनना, एसिडिटी, अपच और पेट में भारीपन की समस्या साधारण बन गई है. क्या आप जानते हैं कि एक तरीके से सारी बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है? आइए इसके बारे में जानते हैं.

    कितना फायदेमंद होता है उपवास करना?

    हम बात कर रहे हैं व्रत यानी उपवास की. भले ही उपवास में खुद को भूखा रखना होता है, लेकिन यह सजा नहीं, बल्कि एक दवा है. पेट से जुड़ी बीमारियों रोगों को एक सीमित समय तक दवा के सहारे चलाया जा सकता है, लेकिन एक समय के बाद दवाओं का असर भी कम हो जाता है. ऐसे में उपवास सजा नहीं, बल्कि शरीर को अंदर से साफ करने का तरीका है, जो कोई दवा भी नहीं कर सकती. उपवास पेट को गहराई से सफाई करता है. इसके अलावा पाचन तंत्र को ठीक करने में मदद करता है और खुद को रिपेयर करने का मौका देने की प्रक्रिया है.

    कैसे करना चाहिए व्रत?

    अब सवाल है कि उपवास को कैसे किया जा सकता है. सबसे पहले 15 दिन में एक बार उपवास करने से शुरू कर सकते हैं. इसके लिए एकादशी उपयुक्त रहेगी, क्योंकि ये महीने में दो बार पड़ती है. उपवास की शुरुआत में फलाहार लें और उतने ही फल खाएं, जिससे शरीर को एनर्जी मिल सके. पेट भरने के लिए फलों का सेवन न करें. इसके अलावा जितना हो सके, शहद वाला पानी, नारियल पानी, और सादे पानी का सेवन करें. पानी शरीर की सारी गंदगी को बाहर निकालने में मदद करेगा.

    क्या व्रत रखने से आती है कमजोरी?

    कुछ लोगों को लगता है कि व्रत रखने से कमजोरी महसूस होगी, लेकिन ऐसा नहीं है. यह सिर्फ हमारे मन का वहम होता है, क्योंकि भोजन से शरीर को 30-40 फीसदी ही एनर्जी मिलती है, बाकी एनर्जी पानी, हवा, और आराम करने से मिलती है. ऐसे में यह सोचना गलत है कि उपवास करने से कमजोरी महसूस होगी. जापान के वैज्ञानिक उपवास पर रिसर्च भी कर चुके हैं. साल 2018 में हुए शोध के मुताबिक, व्रत रखने से शरीर खराब कोशिकाओं को हटाकर नई और हेल्दी कोशिकाएं बनाता है. इस प्रक्रिया को ऑटोफैगी कहा जाता है.

    ये भी पढ़ें: पेट का भारीपन या मामूली थकान? नजरअंदाज न करें, जानिए फैटी लिवर की शुरुआती चेतावनी

    Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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