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    High Cholesterol In Young Age: अब छोटी उम्र से ही कोलेस्ट्रॉल का खतरा, हार्ट अटैक से बचना है तो... 11 मेडिकल इंस्टीट्यूट ने जारी की गाइडलाइन

    1 week ago

    Why High Cholesterol Is Increasing In Young People: दिल की बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए अब एक्सपर्ट ने साफ कहा है कि कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने की शुरुआत कम उम्र से ही कर देनी चाहिए. नई गाइडलाइन के मुताबिक, 30 साल की उम्र से ही लोगों को अपने LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने की कोशिश शुरू कर देनी चाहिए और इसे उम्रभर कंट्रोल रखना जरूरी है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन, अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी और नौ अन्य संस्थानों ने मिलकर ये दिशा-निर्देश जारी किए हैं. इसका मकसद दिल की बीमारियों से होने वाली मौतों को कम करना है, जो आज भी कुल मौतों का एक बड़ा कारण हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि दिल की 80 प्रतिशत तक बीमारियों को सही समय पर रोकथाम से टाला जा सकता है.

    क्या कहती है नई गाइडलाइन?

    नई गाइडलाइन के अनुसार, कोलेस्ट्रॉल की जांच बचपन से ही शुरू हो जानी चाहिए. करीब 10 साल की उम्र में पहली बार टेस्ट कराने की सलाह दी गई है, ताकि उन लोगों की पहचान हो सके जिनमें जेनेटिक कारणों से कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा होता है. ऐसे मामलों में तुरंत इलाज शुरू करना जरूरी होता है. इसके बाद 18-20 साल की उम्र में फिर से जांच और कम से कम हर पांच साल में नियमित स्क्रीनिंग की सलाह दी गई है. जिन लोगों में डायबिटीज या हाई LDL जैसी समस्या है, उन्हें और ज्यादा बार टेस्ट कराने की जरूरत पड़ सकती है.

    बैड कोलेस्ट्रॉल कितना होना चाहिए?

    ट्रीटमेंट का लक्ष्य व्यक्ति के जोखिम पर निर्भर करता है. सामान्य तौर पर सभी को अपना LDL 100 से नीचे रखने की कोशिश करनी चाहिए. जिन लोगों में अगले 10 साल में हार्ट अटैक या स्ट्रोक का खतरा ज्यादा है, उन्हें इसे 70 से नीचे लाना होगा। वहीं, जिन लोगों को पहले से दिल का दौरा या स्ट्रोक हो चुका है, उनके लिए यह स्तर 55 से भी कम रखने की सलाह दी गई है. The New York Times की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सपर्ट का मानना है कि जितना ज्यादा समय तक शरीर में LDL का स्तर ऊंचा रहता है, उतना ही दिल की बीमारी का खतरा बढ़ता है. इसलिए जितना कम, उतना बेहतर और जितने लंबे समय तक कम, उतना सुरक्षित का सिद्धांत अपनाने पर जोर दिया गया है.

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    कैसे कर सकते हैं सुधार?

    कोलेस्ट्रॉल कम करने का पहला कदम लाइफस्टाइल सुधार है. इसमें संतुलित आहार और रेगुलर एक्सरसाइज शामिल है.  हालांकि, जरूरत पड़ने पर स्टैटिन जैसी दवाइयां और अन्य आधुनिक दवाएं भी दी जा सकती हैं. गाइडलाइन यह भी कहती है कि सप्लीमेंट्स पर भरोसा करना सही नहीं है, क्योंकि ज्यादातर मामलों में उनका असर साबित नहीं हुआ है. इसेक साथ ही, सिर्फ LDL की जांच ही काफी नहीं, बल्कि Lp(a) नाम के एक खास प्रोटीन की जांच भी जरूरी बताई गई है, जो दिल की बीमारी का खतरा बढ़ा सकता है.

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    Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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