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    गर्मी में भारी क्यों लगती है हाई-प्रोटीन डाइट? जानिए हल्के और बेस्ट प्लांट-बेस्ड प्रोटीन ऑप्शन

    1 week ago

    जैसे-जैसे गर्मी का मौसम करीब आता है, लोगों की खाने की आदतों में अपने-आप बदलाव आने लगता है. सर्दियों में जहां भूख ज्यादा लगती है और लोग भारी खाना भी आसानी से खा लेते हैं, वहीं गर्मियों में पेट जल्दी भर जाता है. बहुत से लोग हल्का खाने लगते हैं, कुछ लोग मील स्किप करने लगते हैं, तो कई लोग सिर्फ सलाद या फल पर निर्भर हो जाते हैं. लेकिन यहां एक बड़ी समस्या प्रोटीन की कमी पैदा हो जाती है. जब लोग खाने की मात्रा कम कर देते हैं, तो अक्सर प्रोटीन भी कम हो जाता है. शुरुआत में शायद इसका असर ज्यादा महसूस न हो, लेकिन कुछ दिनों बाद शरीर संकेत देने लगता है. ऐसे समय में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन (पौधों से मिलने वाला प्रोटीन) बहुत उपयोगी साबित हो सकता है. खासकर तब, जब उसे सही तरीके से तैयार करके खाया जाए. तो आइए जानते हैं कि गर्मी में हाई-प्रोटीन डाइट भारी क्यों लगता है. साथ वही हल्के और बेस्ट प्लांट-बेस्ड प्रोटीन ऑप्शन क्या है. 

    गर्मी में हाई-प्रोटीन डाइट भारी क्यों लगता है?

    गर्मी का असर सिर्फ बाहर के तापमान पर ही नहीं पड़ता, बल्कि शरीर के अंदर की प्रक्रियाओं पर भी पड़ता है. ज्यादा तापमान के कारण कई बार भूख कम हो जाती है, पेट का एसिड थोड़ा कम बनता है, भारी खाना जल्दी असहज लगने लगता है. यही कारण है कि जो खाना सर्दियों में बिल्कुल ठीक लगता था, वही गर्मियों में पेट में भारीपन, गैस या सुस्ती पैदा कर सकता है. प्रोटीन ऐसा पोषक तत्व है जिसे पचाने के लिए शरीर को थोड़ी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है.अगर यह प्रोटीन भारी दालों या ठीक से तैयार न किए गए पौधों के स्रोतों से लिया जाए, तो आंतों पर और ज्यादा दबाव पड़ सकता है. इसका मतलब यह नहीं है कि प्लांट प्रोटीन खराब है. असल बात यह है कि मौसम और खाने के तरीके के बीच संतुलन जरूरी होता है. 

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    हल्के और बेस्ट प्लांट-बेस्ड प्रोटीन ऑप्शन क्या है?

    1. किण्वित दाल का घोल (Fermented batters) -  डोसा, इडली या दाल के चीले के लिए इस्तेमाल होने वाला फर्मेंटेड बेटर गर्मियों में बहुत अच्छा ऑप्शन है. ये पचाने में आसान, पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण, पेट पर हल्का रखता है. फर्मेंटेशन की प्रक्रिया दालों में मौजूद कुछ ऐसे तत्वों को कम कर देती है जो पाचन में बाधा डालते हैं.

    2. टोफू - टोफू सोयाबीन से बना एक हल्का और हाई क्वालिटी वाला प्रोटीन स्रोत है. इसे आप कई तरह से खा सकते हैं. जैसे हल्का सा भूनकर, सब्जी में डालकर, सलाद में मिलाकर. यह पेट को ज्यादा भारी महसूस कराए बिना अच्छा प्रोटीन प्रदान करता है. 

    3. टेम्पेह - टेम्पेह भी सोयाबीन से बना होता है, लेकिन यह फर्मेंटेड होता है. इसी वजह से इसे पचाना सामान्य सोयाबीन की तुलना में आसान होता है. भारत में अभी यह बहुत आम नहीं है, लेकिन धीरे-धीरे इसका उपयोग बढ़ रहा है. 

    4. सत्तू ड्रिंक - सत्तू गर्मियों का पारंपरिक सुपरफूड माना जाता है. सत्तू ठंडक देता है, प्रोटीन से भरपूर होता है और जल्दी पच जाता है. नमकीन या मीठा सत्तू का ड्रिंक गर्मियों में एक शानदार प्रोटीन ऑप्शन हो सकता है. 
     
    5. मूंग दाल के विकल्प - मूंग दाल गर्मियों में सबसे हल्की दालों में से एक मानी जाती है.  इसे कई तरह से लिया जा सकता है. जैसे मूंग दाल का चीला, मूंग दाल का सूप, अंकुरित मूंग. ये सभी पेट के लिए हल्के और पोषण से भरपूर होते हैं. 

    गर्मियों में प्लांट प्रोटीन लेने के आसान तरीके

    भारतीय रसोई में कुछ साधारण तकनीकें हैं जो प्रोटीन को ज्यादा पचाने वाला बना सकती हैं. जिसमें दालों और बीजों को कुछ घंटों तक भिगोने से पाचन आसान हो जाता है. डोसा या इडली का घोल फॉर्मेट करने से पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है. अच्छी तरह पकाई गई दालें पेट के लिए हल्की होती हैं. जीरा, हींग, अदरक और सौंफ जैसे मसाले पाचन में मदद करते हैं, एक ही समय में ज्यादा प्रोटीन लेने के बजाय इसे अलग-अलग मील में लेना ज्यादा फायदेमंद होता है. 

    यह भी पढ़ें- छोटे बच्चों को काजल लगाना चाहिए या नहीं, क्या कहते हैं डॉक्टर्स

    Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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