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    फ्लश करने से पहले बंद क्यों करना चाहिए टॉयलेट का ढक्कन, जानें यह कितना खतरनाक?

    1 week ago

    हम रोजमर्रा की जिंदगी में कई ऐसे काम करते हैं, जिनके बारे में हम कभी गंभीरता से सोचते ही नहीं, टॉयलेट का यूज करना भी उन्हीं कामों में से एक है. हम बाथरूम जाते हैं, काम खत्म करते हैं, फ्लश दबाते हैं और बिना पीछे देखे बाहर निकल आते हैं. फ्लश की तेज आवाज सुनकर हमें लगता है कि सारी गंदगी बह गई, सब कुछ साफ हो गया और अब वहां कोई खतरा नहीं है. लेकिन क्या वाकई ऐसा होता है. 

    हाल ही में आई एक नई रिसर्च ने इस आम सोच को पूरी तरह बदल दिया है. इस शोध के अनुसार, टॉयलेट फ्लश करना जितना हम समझते हैं, उससे कहीं ज्यादा गंदगी और कीटाणु हवा में फैला सकता है. यही वजह है कि अब विशेषज्ञ फ्लश करने से पहले टॉयलेट का ढक्कन बंद करने की सलाह दे रहे हैं.  तो आइए जानते हैं कि फ्लश करने से पहले टॉयलेट का ढक्कन बंद क्यों करना चाहिए. 
     
    नई रिसर्च क्या कहती है?

    अमेरिकन जर्नल ऑफ इन्फेक्शन कंट्रोल में छपी एक स्टडी में यह जानने की कोशिश की गई कि जब टॉयलेट फ्लश किया जाता है, तो उस समय बाथरूम के अंदर क्या-क्या होता है. रिसर्च के दौरान यह देखा गया कि ढक्कन खुला होने पर और ढक्कन बंद होने पर फ्लश करने से हवा में कितने छोटे-छोटे कीटाणु वाले कण फैलते हैं. शोध में पता चला कि जैसे ही हम फ्लश करते हैं, वैसे ही बहुत बारीक और अदृश्य बूंदें हवा में ऊपर की ओर उड़ जाती हैं. ये बूंदें इतनी छोटी होती हैं कि हमें दिखाई नहीं देतीं, लेकिन इनमें बैक्टीरिया और कीटाणु मौजूद हो सकते हैं. ये कण टॉयलेट सीट, दीवारों, फर्श, वॉशबेसिन और यहां तक कि पास रखे टूथब्रश और तौलियों पर भी जाकर बैठ सकते हैं. सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि ढक्कन बंद होने पर भी कुछ कण बाहर निकल जाते हैं. 

    ढक्कन बंद होने के बाद भी कीटाणु बाहर क्यों आते हैं?

    अब आपके मन में सवाल होगा कि अगर ढक्कन बंद है, तो फिर कीटाणु बाहर कैसे आ जाते हैं. इसका कारण बहुत साधारण है. जैसे टॉयलेट पूरी तरह एयरटाइट (हवा बंद) नहीं होते हैं, ढक्कन और सीट के बीच थोड़ी जगह होती है. जब फ्लश किया जाता है, तो पानी का तेज दबाव हवा को ऊपर की ओर धकेलता है. इसी के साथ बहुत छोटे-छोटे कण उस खाली जगह से बाहर निकल जाते हैं. इसका मतलब यह नहीं है कि ढक्कन बंद करना बेकार है, बल्कि इसका मतलब यह है कि फ्लश की प्रक्रिया हमारी सोच से कहीं ज्यादा गंदी हो सकती है. 

    फ्लश करने से पहले टॉयलेट का ढक्कन बंद क्यों करना चाहिए

    फ्लश करने से पहले टॉयलेट का ढक्कन बंद करना चाहिए, भले ही ढक्कन हर कीटाणु को न रोक पाए, लेकिन फिर भी इसे बंद करना बहुत फायदे भरा कदम है. ढक्कन बंद होने से बड़े छींटे सीधे बाहर नहीं आते और वहीं रुक जाते हैं. ज्यादातर घरों में टॉयलेट के पास ही टूथब्रश, साबुन, तौलिये और अन्य सामान रखा होता है. ढक्कन बंद करने से उन पर गंदगी कम गिरती है. फ्लश से निकलने वाली नमी और बदबू पूरे बाथरूम में फैलने से बचती है, कम कीटाणु फैलेंगे तो संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी कम होगा. 

    जरूरी साफ-सफाई की आदतें

    अगर आप सच में अपने बाथरूम को साफ और सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो सिर्फ ढक्कन बंद करना ही काफी नहीं है. इसके साथ कुछ और अच्छी आदतें भी अपनानी जरूरी हैं. जैसे टॉयलेट सीट, फ्लश बटन, हैंडल और आसपास की सतहों को रो साफ करें. बाथरूम में खिड़की या एग्जॉस्ट फैन होना बहुत जरूरी है, ताकि हवा का सही प्रवाह बना रहे. साथ ही कोशिश करें कि टूथब्रश और तौलिये टॉयलेट से थोड़ी दूरी पर रखें या ढक कर रखें. 

    यह भी पढ़ें: ड्राइविंग के दौरान तेज संगीत सुनना कितना खतरनाक, जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स?

    Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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