Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    dailyadda
    dailyadda

    Egg: अंडों में मिलने वाला नाइट्रोफ्यूरान कितना खतरनाक, इससे क्या-क्या बीमारियां होने का खतरा?

    1 week ago

    FSSAI Rejects Cancer Claims Linked To Eggs: आजकल सोशल मीडिया के जमाने में लोग फेमस होने के लिए कुछ भी पोस्ट करते रहते हैं. हालांकि, कई बार हद तब हो जाती है, जब ये पोस्ट आपकी सेहत से जुड़ा हो. हाल ही में सोशल मीडिया पोस्ट में यह दावा किया जा रहा था कि अंडों में नाइट्रोफ्यूरान नामक प्रतिबंधित रसायन पाया गया है. लोगों ने इसको कैंसर बताने वाला बता दिया. फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया  ने अंडों को कैंसर से जोड़ने वाले दावों को सख्ती से खारिज किया है. एफएसएसएआई ने अपनी रिपोर्ट में साफ कहा कि भारत में बिकने वाले अंडे पूरी तरह सुरक्षित हैं और हाल में सामने आई रिपोर्ट्स व सोशल मीडिया पोस्ट वैज्ञानिक आधारहीन हैं, जो अनावश्यक डर फैलाती हैं.

    नाइट्रोफ्यूरान का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित

    फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने नाइट्रोफ्यूरान मेटाबोलाइट्स को लेकर उठी आशंकाओं पर भी स्थिति स्पष्ट की थी. ये ऐसे ट्रेस मार्कर होते हैं, जो मुर्गी पालन में प्रतिबंधित नाइट्रोफ्यूरान एंटीबायोटिक्स के अवैध इस्तेमाल की स्थिति में अंडों में मिल सकते हैं. एफएसएसएआई के मुताबिक, भारत के फूड सेफ्टी नियमों के तहत पोल्ट्री और अंडा उत्पादन के हर स्तर पर नाइट्रोफ्यूरान का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित हैय इसलिए अंडों में कैंसर पैदा करने वाले तत्व होने का दावा भ्रामक हैय

    FSSAI ने बताया कि नाइट्रोफ्यूरान मेटाबोलाइट्स के लिए 1.0 माइक्रोग्राम प्रति किलोग्राम की एक्स्ट्रेनियस मैक्सिमम रेजिड्यू लिमिट सिर्फ जांच की नियामक सीमा है, न कि कोई अनुमान के योग्य मात्रा. EMRL से नीचे की मामूली मौजूदगी न तो फूड सेफ्टी उल्लंघन मानी जाती है और न ही इससे स्वास्थ्य को कोई खतरा होता है.

    FSSAI ने यह भी कहा कि भारत के मानक वैश्विक नियमों के अनुरूप हैं. यूरोपियन यूनियन और अमेरिका भी नाइट्रोफ्यूरान पर प्रतिबंध लगाते हैं और ऐसे संदर्भ मानकों का उपयोग केवल लागू करने के लिए किया जाता है, न कि सुरक्षा सीमा तय करने के लिए. अलग-अलग देशों में आंकड़ों का फर्क जांच तकनीकों के कारण होता है, न कि सुरक्षा मानकों में अंतर की वजह से.

    क्या इससे कैंसर होता है?

    पब्लिक हेल्थ के लिहाज से FSSAI ने स्पष्ट किया कि नाइट्रोफ्यूरान मेटाबोलाइट्स के बेहद कम स्तर के आहार सेवन और कैंसर के बीच कोई स कारण-परिणाम संबंध नहीं है. दुनिया की किसी भी स्वास्थ्य संस्था ने सामान्य अंडा सेवन को कैंसर के बढ़े हुए जोखिम से नहीं जोड़ा है. किसी खास ब्रांड से जुड़ी रिपोर्ट्स पर प्रतिक्रिया देते हुए एफएसएसएआई  ने कहा कि ऐसे मामले अलग-थलग और बैच-विशेष होते हैं, जो अक्सर अनजाने गंदगी या फीड से जुड़े कारणों से सामने आते हैं. ये पूरे अंडा सप्लाई चेन का प्रतिनिधित्व नहीं करते.  एफएसएसएआई ने उपभोक्ताओं से आधिकारिक सलाह और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर भरोसा करने की अपील करते हुए दोहराया कि तय मानकों के अनुसार बने और यूज किए गए अंडे उर्जा और सुरक्षित आहार का हिस्सा बने रहते हैं. 

    अंडे सेहत के लिए कितने फायदेमंद?

    अगर अंडों से सेहत को होने वाले फायदों की बात करें, तो 2025 की फ्रेमिंघम ऑफस्प्रिंग स्टडी के अनुसार एक खुलासा किया किया गया था. इसमें बताया गया था कि  पांच या उससे ज्यादा अंडे एक हफ्ते में सेवन करने वालों को प्री-डायबिटीज, टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कार्डियोवस्कुलर का खतरा कम होता है. इसके पीछे इन अंडों में पाया जाने  वाला एंटीऑक्सिडेंट्स प्रोटीन सबसे बड़ी वजह है. 

    इसे भी पढ़ें: Oversleeping Side Effects: कहीं जरूरत से ज्यादा तो नहीं सो रहे आप? हो सकती है यह गंभीर समस्या, एक्सपर्ट ने दी चेतावनी

    Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

    Click here to Read More
    Previous Article
    Lohri 2026 Recipes: इन 5 स्पेशल डिश के बिना अधूरी रहती है लोहड़ी की रौनक, जानें इनके नाम और फायदे
    Next Article
    Fatty Liver Disease: सावधान! क्या आपको भी खाने के बाद महसूस होता है पेट में भारीपन? इस 'साइलेंट किलर' बीमारी के हो सकते हैं लक्षण

    Related हेल्थ Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment