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    बिहार में 'नकाब' विवाद पर छिड़ी नई बहस! इस अजीबोगरीब आदेश पर भड़की AIMIM; जानें क्या कहा?

    6 days ago

    बिहार की ज्वेलरी दुकानों में बुर्के पर रोक लगाए जाने के फैसलों पर आपत्ति जताते हुए हैदराबाद से AIMIM की पार्षद डॉक्टर समीना ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने इसे मुस्लिम महिलाओं की गरिमा पर ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि दुकानदारों को महिला सुरक्षा गार्ड तैनात करने चाहिए और मेटल डिटेक्टर जैसी तकनीक का उपयोग करना चाहिए. उन्होंने सवाल किया कि यदि आभूषण खरीदने वाली महिलाएं ही दुकानों में नहीं आएंगी, तो क्या इसका सीधा असर कारोबार पर नहीं पड़ेगा?

    पार्षद समीना ने सत्ता में आने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्टर का हिजाब हटाए जाने की घटना ने अब एक बड़े राष्ट्रीय विवाद का रूप ले लिया है. इस मुद्दे पर उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा मुस्लिम महिला का हिजाब खींचने पर की आलोचना की, बल्कि बिहार के आभूषण विक्रेताओं द्वारा बुर्के पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

    पूरा घटनाक्रम बेहद दुर्भाग्यपूर्ण: AIMIM पार्षद

    डॉक्टर समीना ने इस पूरे घटनाक्रम को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' करार देते हुए कहा कि नकाब या हिजाब केवल एक कपड़ा नहीं, बल्कि एक महिला की सुरक्षा और उसकी पहचान का हिस्सा है. धार्मिक संदर्भों का हवाला देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लाम में महिलाओं को खुद को ढंकने की अनुमति और आदेश है, जो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करता है. उन्होंने सरकार और प्रशासन से अपील की कि वे इस संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक चश्मे से देखने के बजाय महिलाओं की स्वायत्तता और गरिमा के नजरिए से देखें.

    'ऐसी घटनाएं समाज में विभाजन पैदा करती हैं' 

    डॉक्टर समीना के अनुसार, इस तरह की घटनाएं समाज में विभाजन पैदा करती हैं और महिलाओं को सार्वजनिक स्थानों पर असुरक्षित महसूस कराती हैं. फिलहाल, इस विवाद ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है. जहां एक ओर विपक्ष इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन बता रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार के समर्थक इसे नियमों के पालन से जोड़कर देख रहे हैं. इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर भारत में पसंद की स्वतंत्रता बनाम धार्मिक प्रतीकों पर चल रही बहस को नई दिशा दे दी है.

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