Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    dailyadda
    dailyadda

    बांग्लादेश के ​​स्वतंत्रता दिवस पर श्रीमद् भागवत गीता के पाठ पर रोक, मचा बवाल, जानें क्या है पूरा मामला

    4 days ago

    बांग्लादेश के 56वें ​​स्वतंत्रता दिवस पर 26 मार्च को तनोर उपजिला में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राजशाही-1 (तनोर-गोदागरी) के सांसद प्रोफेसर मुजीबुर रहमान और बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के नायब-ए-अमीर द्वारा श्रीमद् भागवत गीता के पाठ को प्रतिबंधित करने का कथित तौर पर निर्देश दिया गया था. 

    बांग्लादेश राष्ट्रीय हिंदू ग्रैंड अलायंस ने जताया विरोध
    इस मामले को लेकर बांग्लादेश राष्ट्रीय हिंदू ग्रैंड अलायंस (केंद्रीय कार्यकारी समिति) ने आक्रोश जताते हुए कड़ी निंदा की. पूरे बांग्लादेश में स्वतंत्रता दिवस और राष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में होने वाले राजकीय कार्यक्रमों में ऐसे आयोजनों की शुरुआत धार्मिक ग्रंथों के पाठ से करने की परंपरा है. इस दिन कुरान के पाठ के साथ-साथ श्रीमद् भागवत गीता के अंशों का पाठ भी पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है. 

    हालांकि, सांसद मुजीबुर रहमान (राजशाही-1: तनोर-गोदागरी) और बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के नायब-ए-अमीर ने कथित तौर पर श्रीमद् भागवत गीता का पाठ न करने का निर्देश दिया. इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई है और जगह-जगह इसे लेकर विरोध किया जा रहा है. 

    अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण 
    शुक्रवार सुबह मीडिया को भेजे गए एक बयान में बांग्लादेश राष्ट्रीय हिंदू ग्रैंड अलायंस के महासचिव डॉ. मृत्युंजय कुमार रॉय (डॉ. एम.के. रॉय) के नेतृत्व वाले संगठन ने सवाल उठाया कि एक महत्वपूर्ण राजकीय कार्यक्रम में ऐसा निर्देश कैसे दिया जा सकता है. उन्होंने राज्य के अधिकारियों से इस पर स्पष्टीकरण मांगा है. बताया गया कि यह निर्देश तनोर के उपजिला निर्बाही अधिकारी (यूएनओ) को दिया गया था. हालांकि यूएनओ नाइमा खान के प्रयासों से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें गीता का पाठ भी शामिल था. संगठन ने यूएनओ नाइमा खान के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है.

    संगठन ने संबंधित सरकारी अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए निर्वाचित प्रतिनिधि से इस प्रकार के भेदभावपूर्ण और सांप्रदायिक व्यवहार के लिए जवाबदेही की मांग की है. उन्होंने बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के केंद्रीय नेतृत्व से भी उचित कार्रवाई करने का आह्वान किया है.

    ये भी पढ़ें

    'सनसनी' के 21 साल बेमिसाल! एबीपी न्यूज के क्राइम शो ने बनाए वर्ल्ड रिकॉर्ड, श्रीवर्धन त्रिवेदी को मिला ‘विद्या-वाचस्पति’ सम्मान

    Click here to Read More
    Previous Article
    अमेरिकी सैनिकों को खाड़ी देशों ने दी पनाह तो ईरान ने दे डाली चेतावनी- अब तुम्हारे होटलों पर हमले....
    Next Article
    Middle East War: पाकिस्तान का डिप्लोमैटिक गेम ऑन! शहबाज और मुनीर का बड़ा कदम, जंग में US के साथ मिलकर कर रहा ये काम

    Related विश्व Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment