Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    dailyadda
    dailyadda

    अनिल अंबानी को झटका, बैंक फ्रॉड केस की जांच में ED ने बनाई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन की टीम

    4 days ago

    Anil Ambani: सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) और उससे जुड़ी दूसरी कंपनियों के खिलाफ 40000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया है. कोर्ट ने मामले की निष्पक्षता के साथ जल्दी जांच करने का आदेश दिया था.

    इसी दिशा में कदम उठाते हुए ED ने सोमवार को दिल्ली में अपने हेडक्वॉर्टर में अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन वह पेश नहीं हुईं. ऐसे में हो सकता है कि उन्हें दोबारा तलब किया जाए. टीना अंबानी से होने वाली इस पूछताछ का मकसद न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में 70 करोड़ रुपये के अपार्टमेंट की खरीद से जुड़े मामले में पैसों के लेनदेन का पता लगाना है, जिसके लिए पिछले हफ्ते रिलायंस के सीनियर एग्जीक्यूटिव और अंबानी के करीबी पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया गया था. हिरासत में गर्ग से हुई पूछताछ के दौरान उसने टीना अंबानी का नाम लिया था.

    अनिल अंबानी पर क्या है आरोप? 

    अनिल अंबानी और रिलायंस ग्रुप की कंपनियों पर 40 हजार करोड़ रुपये के कथित बैंक लोन को शेल कंपनियों के जरिए ट्रांसफर करने का आरोप है. इस मामले की जांच में CBI और ED के द्वारा हो रही देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी.

    4 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 40 हजार करोड़ के इस बैंक फ्रॉड के अलग-अलग मामले में जांच एजेंसियों को केस दर्ज करने को कहा था. इसके बाद CBI और ED दोनों उनके खिलाफ कई केस दर्ज करने की तैयारी कर रही हैं. खासकर CBI को और भी कई केस दर्ज करने होंगे क्योंकि फंड डायवर्जन के आरोप अलग-अलग फाइनेंशियल संस्थानों से लिए गए 20 से ज्यादा लोन से जुड़े हैं.    

    ED की जांच में चौंकाने वाला खुलासा 

    ED को मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल शेल कंपनियों के एक नेटवर्क का पता चला है, जिसमें एक ऐसी कंपनी भी शामिल है जिसे मैनहट्टन अपार्टमेंट की बिक्री से मिले पैसे (8.3 मिलियन डॉलर) मिले थे. ये पैसे पाकिस्तान से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा कंट्रोल की जाने वाली दुबई की एक कंपनी के साथ नकली इन्वेस्टमेंट अरेंजमेंट की आड़ में अमेरिका से भेजे गए थे."

    ये भी पढ़ें:

    अब आपके पीएफ के पैसे यूपीआई से निकलेंगे! आ रहा है EPFO का फ्राइंडली फीचर्स एप

    Click here to Read More
    Previous Article
    नोट छापने की मशीन बनता जा रहा यह स्टॉक, 1450 परसेंट का रिटर्न देकर निवेशकों को बनाया मालामाल
    Next Article
    बांग्लादेश और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर लगी मुहर, जानें ट्रंप ने भारत के मुकाबले कितना घटाया टैरिफ?

    Related बिजनेस Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment