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    आयतुल्लाह खामेनेई के छोटे बेटे मोजतबा हुसैनी को ही क्यों मिली सत्ता? IRGC के दबाव ने कैसे बदला उत्तराधिकारी

    1 day ago

    ईरान में सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद देश के नेतृत्व को लेकर पैदा हुई असमंजस की स्थिति खत्म होती नजर आ रही है. ईरान इंटरनेशनल ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ईरान एक्सपर्ट्स की असेंबली ने IRGC के दबाव में अली खामेनेई के बेटे मोजतबा को अगले सुप्रीम लीडर के रूप में चुना है.

    ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई का 86 साल की उम्र में निधन हुआ. उन्होंने 1989 से लेकर 36 सालों तक देश की कमान संभाली. उनकी मौत अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के दौरान हुई, जिसकी जानकारी सबसे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दी. बाद में ईरानी शासन की ओर से भी की इसकी आधिकारिक पुष्टि की गई. ऐसे में खामेनेई के निधन के बाद यह सवाल उठ रहा था कि आखिर उनका उत्तराधिकारी कौन होगा.

    कौन चुनता है सुप्रीम लीडर?

    ईरानी संविधान के मुताबिक नए सुप्रीम लीडर का चुनाव ईरान एक्सपर्ट्स की असेंबली द्वारा किया जाता है और ये एक पावरफुल धार्मिक निकाय है, जिसे देश के सर्वोच्च नेता को चुनने और उनकी निगरानी करने का अधिकार है. सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि असेंबली ने खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुन लिया है. हालांकि यह फैसला कथित तौर पर इस्लामिक क्रांतिकारी गार्ड कोर (IRGC) के दबाव में लिया गया है.

    आपको बता दें कि IRGC ईरान की सबसे ताकतवर सैन्य और रणनीतिक संस्था मानी जाती है, जिसका देश की राजनीति और सुरक्षा ढांचे पर गहरा प्रभाव है. रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा हालात और क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए नेतृत्व के मुद्दे पर जल्द फैसला लेने का दबाव बनाया गया. मोजतबा खामेनेई लंबे समय से सत्ता के गलियारों में प्रभावशाली माने जाते रहे हैं और सुरक्षा प्रतिष्ठान के साथ उनके करीबी रिश्तों की चर्चा होती रही है. 

    मशहद में होगा खामेनेई का अंतिम संस्कार

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खामेनेई को उनके पैतृक शहर मशहद में दफनाया जाएगा. उनके पिता की कब्र भी मशहद स्थित इमाम रजा तीर्थस्थल में है. हालांकि अंतिम संस्कार की तारीख का अब तक खुलासा नहीं किया गया है.

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