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    17 लाख करोड़ रुपये का नुकसान... लगातार छठे दिन गिरावट से शेयर बाजार में त्राहिमाम

    1 week ago

    Share Market Updates: भारतीय शेयर बाजार में लगातार गिरावट का आज छठवां दिन है. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स  0.17 परसेंट गिरकर 83,433.30 पर खुला, जबकि निफ्टी 0.60 परसेंट फिसलकर 25,529 के लेवल पर कारोबार की शुरुआत की. इस दौरान निफ्टी 50 में HDFC लाइफ, SBI लाइफ, श्रीराम फाइनेंस और हिंडाल्को टॉप गेनर में शामिल रहे. जबकि दूसरी ओर, अपोलो हॉस्पिटल्स, मैक्स हेल्थकेयर, लार्सन एंड टुब्रो और रिलायंस इंडस्ट्रीज टॉप लूजर रहे. 

    सुबह 11 बजे तक भी इंट्राडे ट्रेडिंग में भारतीय इक्विटी मार्केट में गिरावट जारी रही. सेंसेक्स 450.46 अंक या 0.54 परसेंट लुढ़ककर 83,125.78 पर आ गया, जबकि निफ्टी 125.75 अंक या 0.49 परसेंट गिरकर 25,557.55 के आसपास कारोबार करता नजर आया. 

    निवेशकों के डूबे 17 लाख करोड़ 

    बताया जा रहा है कि बीते छह कारोबारी सेशन में आई इस गिरावट से निवेशकों को लगभग 17 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है. बीते 8 जनवरी को BSE सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा फिसलकर दिन के सबसे निचले स्तर 82,864 पर आ गया, जबकि NSE निफ्टी 50 भी 150 अंकों से ज्यादा गिरकर 25,500 के स्तर से नीचे चला गया.

    42 जनवरी को 85,762.01 के क्लोजिंग हाई से सेंसेक्स अब तक 2,718 अंक से ज्यादा गिर चुका है और निफ्टी में भी इसी दौरान करीब 3 परसेंट की गिरावट आई है, जो 25,529.05 के निचले स्तर पर पहुंच गया है. यह तेज गिरावट बाजार के तीन महीने से ज्यादा समय में सबसे खराब साप्ताहिक प्रदर्शन के बाद आई है. इन छह दिनों में सभी BSE-लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 18.5 लाख करोड़ रुपये गिरकर लगभग 462.68 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है.

    क्यों लड़खड़ा रहा बाजार?

    द फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा, "बाजार काफी कमजोर हो गया है, जिस पर भारत से जुड़ी और ग्लोबल जियोपॉलिटिकल घटनाओं का दबाव है. अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर चल रहा ड्रामा अमेरिकी राष्ट्रपति की अजीबोगरीब टिप्पणियों से और भी उलझता जा रहा है. इसका असर बाजार पर पड़ रहा है. वेनेजुएला में जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम, ईरान में संकट और ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की धमकियों को भी बाजार चिंता से देख रहे हैं. इससे इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में तेजी आई है, जो आगे बड़ी वोलैटिलिटी का संकेत दे रहा है."

    उन्होंने आगे कहा, "शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से ट्रंप टैरिफ पर आने वाला फैसला नहीं आया; यह कब होगा, इस बारे में कोई क्लैरिटी नहीं है. फिर भी यह कभी भी हो सकता है इसलिए निवेशकों को इस मोर्चे पर होने वाले डेवलपमेंट पर नजर रखनी होगी. इनके अलावा, Q3 के नतीजे और टेक कंपनियों और बैंकिंग और RIL जैसी बड़ी कंपनियों की मैनेजमेंट कमेंट्री शॉर्ट टर्म में बाजार के ट्रेंड को प्रभावित करेगी."

    एशियाई बाजारों का कैसा है हाल?

    एशियाई बाजारों ने हफ्ते के पहले दिन कारोबार की शुरुआत पॉजिटिव नोट पर की. इस दौरान ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.71 परसेंट चढ़कर कारोबार कर रहा है. वहीं, दक्षिण कोरिया के कोस्पी ने भी 0.83 परसेंट तक की बढ़त हासिल की, जबकि Kosdaq इंडेक्स 0.4 परसेंट चढ़ा. इस बीच, जापान के बाजार नेशनल हॉलिडे के चलते बंद है.

    अमेरिकी बाजार में कारोबार

    शुक्रवार, 9 जनवरी को अमेरिकी इक्विटी बेंचमार्क तेजी के साथ बंद हुए. इस दौरान तीनों प्रमुख इंडेक्स रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने में कामयाब रहे. S&P 500 0.65 परसेंट बढ़कर 6,966.28 पर बंद हुआ, जो इंट्राडे में अब तक का सबसे हाई लेवल था. नैस्डेक कम्पोजिट ने 0.81 परसेंट की बढ़त हासिल कर 23,671.35 पर पहुंच गया, जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 237.96 अंक या 0.48 परसेंट उछलकर 49,504.07 के नए रिकॉर्ड लेवल पर बंद हुआ.

    अमेरिकी डॉलर 

    अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) सोमवार सुबह 0.01 परसेंट गिरकर एक महीने के हाई लेवल से निचले स्तर 99.13 पर आ गया है. इससे पहले 09 जनवरी को रुपया 0.14 परसेंट मजबूत होकर डॉलर के मुकाबले 90.17 पर बंद हुआ. यह इंडेक्स बास्केट में शामिल दूसरी बड़ी करेंसीज ब्रिटिश पाउंड, यूरो, स्वीडिश क्रोना, जापानी येन, स्विस फ्रैंक के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती या कमजोरी को मापता है. 

    क्रूड ऑयल की कीमत

    ईरान में तेज हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच सोमवार को तेल की कीमतें काफी हद तक स्थिर रहीं क्योंकि निवेशकों की नजरें ओपेक के सदस्यीय देशों में शामिल ईरान से तेल की सप्लाई में संभावित रूकावट और अमेरिका की मंजूरी के साथ वेनेजुएला से तेल की सप्लाई पर टिकी हैं. शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं, जिसमें US बेंचमार्क WTI 0.49 परसेंट बढ़कर 59.41 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 0.41 परसेंट बढ़कर लगभग 63.62 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता नजर आया.

     

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